Abroma Radix Homeopathy [ पीरियड्स की समस्या का होम्योपैथिक दवा ]

0
759
Abroma Radix

यह ओलक ताम्बूल की खास जड़ व जड़ की छाल से तैयार होता है। पुराने ज़माने में इसके रस का इस्तेमाल रजःस्राव में होने वाले दर्द में किया जाता था। बाद में डॉ डी. एन. राय ने इसकी परीक्षा होमियोपैथी में की। एब्रोमा रैडिक्स और एब्रोमा ऑगस्टा एक ही प्लांट से निकाला गया रस है। ओलक ताम्बूल की पत्ती से एब्रोमा ऑगस्टा मदर टिंचर बनता है और ओलक ताम्बूल की जड़ व जड़ की छाल से एब्रोमा रैडिक्स का मदर टिंचर बनता है।

अगर पीरियड समय से नहीं आता, कभी ज्यादा कभी कम होता है, रक्तस्राव ज्यादा होता है, कभी समय से पहले आ जाता है तो कभी 3 महीने आता ही नहीं तो एब्रोमा रैडिक्स बहुत अच्छा कार्य करती है। पीरियड के पहले, बाद में और होने रहने के दौरान बहुत दर्द होता है तो उसमे भी एब्रोमा रैडिक्स अच्छा काम करती है।

लिकोरिया में भी यह दवा लाभदायक है, अगर सफेद पानी निकलने की समस्या है तो एब्रोमा रैडिक्स अवश्य इस्तेमाल करें और साथ में Biocombination No. 13 लेंगे तो बहुत फायदा होगा।

एब्रोमा रैडिक्स का एक लक्षण है कि पीरियड में रक्तस्राव या तो बहुत ज्यादा होता है या बहुत कम होता है, अर्थात रक्तस्राव या तो 7-8 होता है या 1 दिन भी ठीक से नहीं होता।

मात्रा – एब्रोमा रैडिक्स Q की 20 बून्द आधे कप पानी में डालकर दिन में 3 बार लेना है। इसे खाली पेट 3 से 4 महीने पीने से ऊपर के सभी लक्षण ठीक हो जाते हैं। यह प्लांट किंगडम की मेडिसिन है और इसके कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं हैं।

Loading...
SHARE
Previous articleट्यूक्रियम मेरम वेरम [ Teucrium Marum Verum In Hindi ]
Next articleस्कुइला [ Squilla Maritima Homeopathy In Hindi ]
जनसाधारण के लिये यह वेबसाइट बहुत फायदेमंद है, क्योंकि डॉ G.P Singh ने अपने दीर्घकालीन अनुभवों को सहज व सरल भाषा शैली में अभिव्यक्त किया है। इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए वेबसाइट निर्माता भी बधाई के पात्र हैं । अगर होमियोपैथी, घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज के सभी पोस्ट को रेगुलर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे फेसबुक पेज को अवश्य like करें। Like करने के लिए Facebook Like लिंक पर क्लिक करें। याद रखें जहां Allopathy हो बेअसर वहाँ Homeopathy करे असर।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here