hernia ka ilaj in hindi – हर्निया का इलाज

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यह मुख्य रूप से एक शल्यक्रियात्मक स्थिति है। (किसी अंग के किसी भाग या उसकी गुहा जिसमें सामान्यतया वह स्थित रहता है, की दीवार से बाहर निकलना ही बहिःसरण या हर्निया कहलाता है।) इस स्थिति में होम्योपैथी दो प्रकार के केसेज़ में व्यवहार्य है। पहला, वंक्षण (इंगुईनल) या और्विक (फेमोरल) हर्निया की आरम्भिक स्थिति में और दूसरा उन केसेज़ में जो किन्हीं संबंधित कारणों या वृद्धावस्था के कारण ऑपरेशन के अनुपयुक्त हो।

हर्निया के इलाज का होम्योपैथिक दवा : नक्सवोमिका की पोटेंसी बढ़ते हुए क्रम में 200 से 10 एम. तक तथा कोनियम 200 पर्यायक्रम से।

केस 1

मैंने 58 वर्षीय एक मेरीन इंजीनियर को निरोग किया था जो ऑपरेशन नहीं करा सकता था क्योंकि हाल ही में उसकी पत्नी का देहांत हो गया था। वह लंबे समय तक ‘कॉम्बीफ्लाम’ लेती रही थी जिसके कारण उसके आतों से रक्तस्राव होने लगा। और जिसके लिए उसका ऑपरेशन करना पड़ा था।

केस 2

एक 22 वर्षीय युवक, मेरा कर्मचारी, हर्निया से पीड़ित था किंतु वह आर्थिक अभावों के कारण इलाज नहीं करा सकता था। मैंने उसे नक्सवोमिका 200 दिया और फिर इसके बाद इसी औषध की पोटेंसी बढ़ते क्रम में दी गई। मैंने उसे कोनियम नहीं दिया क्योंकि वह पिछले केस में वर्णित रोगी की तरह रोगभ्रमी नहीं था।

ऑपरेशन के बाद हर्निया ( Incisional Hernia )

कभी-कभी यह उदर के ऑपरेशन के बाद हो जाता है जिसके लिए शल्यचिकित्सा की ही आवश्यकता पड़ती है।

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1 COMMENT

  1. सर हर्निया की दवाई कितनी मात्रा में और कितने दिनों तक लेने हैं!!

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