एनल फिशर का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Medicine For Anal Fissure In Hindi ]

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इस पोस्ट में हम anal fissure और उसकी होम्योपैथिक मेडिसिन के बारे में जानेंगे। अगर मलद्वार या गुदाद्वार के आसपास दरारें बन जाए, मलद्वार के अंदर की स्किन फट जाये तो उसे एनल फिशर ( anal fissure ) कहा जाता है। जब कब्ज की शिकायत में मल बहुत कठोर हो जाता है और उसे निकालने में बहुत जोर लगाना पड़ता है तो anal fissure की समस्या हो जाती है। Anal fissure होने पर बहुत ज्यादा दर्द होता है और खून भी निकलता है। मल त्यागते समय और मल त्यागने के बहुत देर बाद तक दर्द और जलन होता है।

Anal fissure होने के कारण

  • बहुत लम्बे समय तक कब्ज का रहना इसका एक मुख्य कारण है।
  • कभी-कभी लगातार दस्त होने से भी यह समस्या हो जाती है।
  • इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) जैसे अल्सरेटिव कोलाइटिस के कारण भी anal fissure हो जाया करता है।
  • सिफलिस या हर्पिस रोग भी गुदाद्वार में संक्रमण पैदा कर देते हैं।

Anal fissure का लक्षण

  • शौच के दौरान दर्द और जलन होना, कभी-कभी ज्यादा दर्द होना।
  • मल त्यागने के बाद भी बहुत देर तक दर्द का बना रहना।
  • मल त्यागने के बाद खून निकलना।
  • अगर fissure गुदाद्वार के बाहर है तो घाव जैसा दिखाई देता है।
  • देखने पर गुदा के चारों ओर दरार जैसा दिखाई देता है।

Anal fissure का होम्योपैथिक दवा

Nitric acid 30 – यह Anal fissure की सबसे अच्छी मेडिसिन है। इसमें गुदाद्वार में बहुत ज्यादा दर्द और काटने-फटने जैसा महसूस होता है। अगर आपको जलन और काटने जैसा दर्द हो रहा है तो Nitric acid 30 पोटेंसी की दो बून्द दिन में तीन बार जीभ पर टपकाना है। Anal fissure में इस दवा के रिजल्ट बहुत ही अच्छे प्राप्त होंगे।

Ratanhia Peruviana 30 – लम्बे समय से अगर Anal fissure की समस्या है तो इस दवा का स्मरण अवश्य करें। इसमें ऐसा महसूस होता है जैसे किसी ने मलद्वार में चाकू चला दिया हो। ऐसे में इस दवा की 30 पोटेंसी की दो बून्द को दिन में तीन बार जीभ पर टपकाना है।

Paeonia Officinalis Q – यह मेडिसिन भी Anal fissure में बहुत अच्छा काम करती है खासकर तब जब fissure से खून निकलता हो। इस मेडिसिन के मदर टिंचर की 20 बून्द को आधे कप पानी में डालकर दिन में 3 बार लें।

Hamamelis Q – अगर मल त्यागने के दौरान खून ज्यादा निकलता हो तो इस मेडिसिन के मदर टिंचर की 20 बून्द को आधे कप पानी में डालकर दिन में 3 बार लें। खून निकलना बंद होने पर इस दवा का सेवन भी बंद कर दें।

Mangifera indica 30 – यह Anal fissure की बहुत ही उत्तम मेडिसिन है। कैसी भी जलन, चुभन, दर्द में यह दवा बहुत अच्छा काम करता है। अगर किसी दवा से आराम न हो तो इस दवा का उपयोग अवश्य करके देखें। इस दवा की 30 पोटेंसी की दो बून्द दिन में 3 बार जीभ पर टपकना है।

Medisynth Pilen Drops – अगर Anal fissure के केस में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा हो तो इस दवा की 20 बून्द को आधे कप पानी में डाल कर हर एक घंटे के अंतर से लें। दर्द तुरंत ठीक हो जायेगा। दर्द ठीक होते ही इस दवा को बंद कर दें और ऊपर के दवा को अपने लक्षण के अनुसार लें।

नोट – यहाँ मैं एक बार फिर से कैसे और कौन सी दवा लेनी है बता रहा हूँ। सुबह उठते ही Sulphur 30 की दो बून्द जीभ पे टपका लें – याद रखें इसे दिन में सिर्फ एक बार लेना है। उसके 15 मिनट के बाद Nitric acid 30 की दो बून्द जीभ पे टपका लें – याद रखें इसे दिन में 3 बार लेना है। उसके 15 मिनट बाद Ratanhia Peruviana 30 की दो बून्द जीभ पे टपका लें – याद रखें इसे भी दिन में 3 बार लेना है। उसके 15 मिनट के बाद Paeonia Officinalis Q की 10 बून्द आधे कप पानी में मिलाकर दिन में 3 बार लेना है। रात में सोने से पहले Nux Vom 30 की दो बून्द जीभ पे टपका लें। इन दवाओं को कुछ दिन इस्तेमाल करें और अगर लाभ न मिले तब Mangifera indica 30 का उपयोग करें।

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