ग्लूकोमा, काला मोतियाबिंद का होम्योपैथिक दवा [ Homeopathic Medicine For Glaucoma ]

0
591

ग्लूकोमा को काला मोतिया नाम से भी जाना जाता है। ग्लूकोमा आँखों में होने वाली एक सीरियस प्रॉब्लम है। आँखों के optic nerve द्वारा ही किसी वस्तु का चित्र दिमाग तक पहुँचता है। ग्लूकोमा में आँखों में अत्यधिक दबाव के कारण optic nerve के कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है। इसमें अगर optic nerve और आँखों में पड़ने वाले दबाव को अच्छे से परिक्षण कर ठीक नहीं किया गया तो अन्धापन भी हो जाया करता है।

ग्लूकोमा मुख्य पांच प्रकार का होता हैं :-

Primary Open-Angle Glaucoma – अधिकतर लोगों को यही ग्लूकोमा हुआ करता है। इसमें आँखों से तरल निकालने वाली नालियां कार्य करना बंद कर देती है और इसके कारण आँखों का तरल बहुत कम मात्रा में या ना के बराबर बाहर निकलता है जोकि आँखों पर दबाव को बढ़ा देता है। इसी दबाव को intraocular pressure कहा जाता है।

Acute Angle-Closure Glaucoma – इसमें आँखों से तरल बाहर निकालने वाली नलियां बिलकुल बंद हो जाती है और इसके कारण आँखों पर दबाव बहुत तेजी से बढ़ता है।

Normal Tension Glaucoma – इसमें optic nerve पर कोई दबाव नहीं पड़ता फिर भी उसके कार्य करने की क्षमता घट जाती है।

Secondary glaucoma – आँखों में चोट लगने या अन्य किसी दुसरे बीमारी के कारण optic nerve के कार्य करने की क्षमता नष्ट होने लगे तो इसे Secondary glaucoma कहा जाता है।

Childhood Glaucoma – माता-पिता में पाए जाने वाले जेनेटिकल दोष या गर्भावस्था में ही विकास का सामान्य रूप से न होने पर भी यह रोग उत्पन्न हो जाता है।

ग्लूकोमा के मुख्य कारण

  • खाने-पीने में अगर विटामिन की कमी, खासकर विटामिन A और E की कमी इस रोग का मुख्य कारण है।
  • अगर माता-पिता को ग्लूकोमा की शिकायत है तो आपको इसके होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • अगर लम्बे समय तक स्टेरॉयड का सेवन कर रहे हैं तो ग्लूकोमा होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • अगर आप लम्बे समय से डायबिटीज के पेशेंट हैं तो भी ग्लूकोमा हो जाया करता है।
  • अगर लम्बे समय से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो भी ग्लूकोमा होने की सम्भावना रहती है।
  • चोट लगने की वजह से भी ग्लूकोमा हो जाया करता है।
  • अगर आप ज्यादा मोटे हैं तो भी ग्लूकोमा होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

ग्लूकोमा के लक्षण

100 में से 90 लोगों को Open-Angle Glaucoma हुआ करता है। इसमें शुरुआत में कोई खास लक्षण नजर नहीं आता परन्तु धीरे-धीरे दिखना कम हो जाता है या आँखों में धुंधलापन आ जाता है। पेशेंट को ऐसा लगता है कि उन्हें eyesight की समस्या है और चश्मा लगवाने या बदलवाने की जरूरत है। परन्तु उससे कोई सुधार नहीं आता और धीरे-धीरे दिखाई देना और कम हो जाता है। बाद में निरीक्षण करने पर पता लगता है कि यह Open-Angle Glaucoma का केस है। इसमें ज्यादा आँखों में दर्द नहीं होता, परन्तु लापरवाही करने पर जब दबाव बढ़ जाता है तो आँखों में दर्द, सिर दर्द, माइग्रेन जैसी समस्या पैदा हो जाती है।

Closure Glaucoma में असर बहुत जल्दी सामने आ जाता है। अचानक आपको दिखना कम हो जायेगा, आँखों में दर्द, सिर में दर्द होना शुरू हो जायेगा। आपको घबराहट हो जाएगी कि अचानक ऐसा क्या हुआ जो कम दिखाई दे रहा है।

ग्लूकोमा का होम्योपैथिक दवा

सबसे असरदार और महत्वपूर्ण दवा है Adel 17 जिसे हम GLAUTARACT drops के नाम से भी जानते हैं। ग्लूकोमा के केस में यह बहुत अच्छा काम करती है। Adel 17 की 15 से 20 बून्द को एक चौथाई कप पानी में डालकर दिन में 3 बार लेना है। इस दवा का 3 महीने तक नियमित रूप से सेवन अवश्य करें। इसके रेगुलर इस्तेमाल से आपको बहुत अच्छे रिजल्ट प्राप्त होंगे।

दूसरी दवा है Phosphorus 200, इसमें आँखें हमेशा थकी रहती है, आँखें लाल रहती है और सिर भारी-भारी महसूस होता है। ग्लूकोमा के केस में Phosphorus 200 पोटेंसी का इस्तेमाल अच्छा रहता है। इस मेडिसिन की दो बून्द दिन में एक बार सुबह के समय जीभ पर टपकाना है।

Cedron 30 – अगर ठीक से दिखाई न दे, आँखों में दर्द होता रहे और आँखों के दर्द के कारण सिर दर्द भी हो जाया करे तो Cedron 30 की दो बून्द दिन में दो बार जीभ पर टपकाना है।

 

Physostigma Venenosum 30 – यह आँखों के लिए बहुत अच्छी दवा है। अगर दिखाई कम देता है तो इस दवा का प्रयोग अवश्य करें। ग्लूकोमा के केस में इस दवा की दो बून्द सुबह-शाम जीभ पर टपकाएं।

Cineraria Cataract Eye Drops – यह दवा without alcohol की लेनी है। ग्लूकोमा में इस दवा की दो बून्द सुबह-शाम आँखों में डालना है। इससे आँखों की रौशनी भी बढ़ती है।

ग्लूकोमा में दवा लेने की विधि एक बार फिर से समझें – सुबह उठते ही Phosphorus 200 की दो बून्द जीभ पर टपका लें। 15 मिनट के बाद Cedron 30 की दो बून्द जीभ पर टपका लें, इस दवा को दिन में दो बार सुबह-शाम लेना है। खाना खाने के आधे घंटे बाद Physostigma Venenosum 30 की दो बून्द जीभ पर टपका लें, इस दवा को दिन में दो बार सुबह-शाम लेना है। उसके बाद Adel 17 की 15-20 बून्द को चौथाई कप पानी में डालकर दिन में 3 बार लें। साथ में Cineraria Cataract Eye Drops की दो बून्द दिन में दो बार डालें। सभी मेडिसिन अच्छे ब्रांड की लें, मैं डॉ रेकवेग लेने की सलाह दूंगा। कम से कम दवा 3 महीने तक जरूर लें, ग्लूकोमा पूरी तरह ठीक हो जायेगा।

Loading...
SHARE
Previous articleथायराइड का लक्षण, कारण और इलाज [ Thyroid Ka Lakshan, Karan Aur Ilaj ]
Next articleथायराइड फंक्शन टेस्ट के तरीके [ T3, T4, TSH Test In Hindi ]
जनसाधारण के लिये यह वेबसाइट बहुत फायदेमंद है, क्योंकि डॉ G.P Singh ने अपने दीर्घकालीन अनुभवों को सहज व सरल भाषा शैली में अभिव्यक्त किया है। इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए वेबसाइट निर्माता भी बधाई के पात्र हैं । अगर होमियोपैथी, घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज के सभी पोस्ट को रेगुलर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे फेसबुक पेज को अवश्य like करें। Like करने के लिए Facebook Like लिंक पर क्लिक करें। याद रखें जहां Allopathy हो बेअसर वहाँ Homeopathy करे असर।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here