लियाट्रिस स्पाइकैटा [ Liatris Spicata In Hindi ]

519

[ साग-सब्जी से बनती है। ] – स्थानिक शोथ, सारे अंग-प्रत्यंगों में शोथ या सारा शरीर फूल जाना – यह हृत्पिण्ड की बीमारी से हो या यकृत की बीमारी से अथवा मसाने की बीमारी से, किसी भी कारण से हो – इस दवा का उपयोग करने से क्रमशः पेशाब की मात्रा बढ़कर इस शोथ-रोग में विशेष फायदा होगा। शोथ -रोग में पहले ही इसका उपयोग करें, उदरामय के साथ शोथ में – एसिड एसेट, उदरामय में बहुत वेग, चूतड़ के नीचे दर्द।

क्रम – Q और मात्रा 15 बून्द से 1-2 ड्राम तक, 1 औंस पानी के साथ रोज 3-4 बार सेवन करना चाहिए।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.