मिफेजेस्ट किट एबॉर्शन पिल्स का उपयोग [ Mifegest Kit Uses In Hindi ]

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मिफेजेस्ट कीट एक एबॉर्शन पिल्स है जिसे 63 दिनों से कम की प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए की जाती है। आम तौर पर ऐसा देखा गया है कि कई बार प्रेग्नेंसी न चाहते हुए भी हो जाती है। यदि लड़की अविवाहित हो तो चिकित्सक के पास जाने से समाज में बदनामी का खतरा बढ़ जाता है। आपको ये बता दें कि लड़की की प्रेग्नेंसी किसी भी उम्र की लड़की के जीवन को नष्ट कर देती है। कई बार ऐसा भी मामला देखने को मिलता है कि शादी के बाद भी बिना फैमिली प्लानिंग के या अधिक उम्र हो जाने पर गर्भ ठहर जाता है। इस कंडीशन में एबोर्शन पिल्स के द्वारा एबोर्शन किया जा सकता है। मिफेजेस्ट कीट एबोर्शन पिल्स के अंदर मिफेफ्रिस्टोन नामक एक गोली होती है जिसकी कैपेसिटी 200 mg की होती है। साथ ही साथ इसमें माईजोफ्रोस्टोल की चार गोलियां जिसकी कैपेसिटी 0.2 mg होती है। इस एबॉर्शन कीट के अंदर इसे सेवन करने की विधि भी बताई गई है, जिसके तहत मिफेफ्रिस्टोन की गोली को खाली पेट में सेवन करना आवश्यक होता है, जिससे की गर्भावस्था में हार्मोन प्रोजेस्टेरोन रुक जाती है। इसके बाद माईजोफ्रोस्टोल की चार गोलियों को अड़तालीस घण्टों के भीतर ही सेवन करनी होती है, जो की गर्भाशय से तरल पदार्थ को निकलने में मदद करती है।

आपको ये जानकर खुशी होगी कि इस दवा के सेवन से हम घर में ही गर्भ को नष्ट कर सकते हैं। यदि आप इसे अधिक इस्तेमाल करते हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। इससे अधिक आपको एबोर्शन के बाद कम से कम एक बार अल्ट्रासाउंड करवा लेनी चाहिए। जिससे आपको ये पता चल जाएगा की एबोर्शन पूरा हुआ है या नहीं। एबोर्शन के दौरान अधिक खून निकल जाने से शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है। इसके लिए हमें खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही साथ आयरनयुक्त दवाइयां भी ले लेनी चाहिए। आपको यह भी बताना आवश्यक है कि एबॉर्शन डॉक्टर की सलाह लेकर ही की जानी चाहिए।

  • ब्रांड का नाम – कैडिला
  • जेनरिक – माईजोफ्रोस्टोल एवं मिफेफ्रिस्टोन

मिफेजेस्ट कीट के घटक :-

  • मिफेफ्रिस्टोन का एक टेबलेट (200 mg) तथा माईजोफ्रोस्टोल की चार टेबलेट (0.2 mg)
  • यह दावा चिकित्सक के सलाह पर ही दी जाती है।
  • इस दवा का इस्तमाल एबोर्शन करने के लिये ही होता है।

नोट : इस एबॉर्शन पिल्स के बारे में इस पेज की ओर से जो भी जानकारियां दी गयी हैं वह केवल इस पिल्स की गुणवत्ता के आधार पर दी गयी हैं। हम न तो इस उत्पाद को बढ़ावा देते हैं, न ही उत्पाद का प्रचार करते हैं। हम यह भी दावा नहीं करते कि यह उत्पाद 100 फीसदी असरदार साबित होगी। इस एबॉर्शन पिल्स के लाभ को केवल उत्तम गुणवत्ता को देखकर बताया गया है। इस पेज के माध्यम से जो भी जानकारियां दी गयी हैं उसका एकमात्र उद्देश्य इस उत्पाद के बारे में विस्तृत जानकारी देना है। हमारा एकमात्र उद्देश्य इस उत्पाद का क्या काम है ये बताना है।

मिफेजेस्ट किट का सेवा विधि और मात्रा

आप इस दवा का उपयोग तब करें जब आप पूरे दिन घर पर ही हों और आराम कर सकें। आपको ये बता दें कि आप उस दिन घर पर ऐसे व्यक्ति के साथ रहें जिसे आपकी पीड़ा के बारे में भली-भांति पता है। यदि किसी भी तरह की इमरजेंसी हो तो वो आपको चिकित्सक के पास ले जा सके। साथ ही आपको यह भी जानकारी रखनी होगी कि कौन सा अस्पताल चौबीस घंटे खुला रहता हो, ताकि इमरजेंसी के दौरान आप परेशान न हों। बता दें कि पहले दिन मिफेफ्रिस्टोन की एक गोली ली जाती है। उसके बाद अगले दिन माईजोफ्रोस्टोल की चार गोलियों का सेवन किया जाता है।

  • गोली का सेवन पानी के साथ करें। यदि एक घंटे के भीतर ही उल्टी हो जाती है तो इसे दोबारा से सेवन करें।
  • इसके बाद करीब 24 घंटों तक इंतजार करें और फिर Misoprostol का सेवन करें।
  • Ibuprofen नाम की गोली Misoprostol के लेने से करीब एक घंटे पहले ले लें ताकि दर्द कम रहे।
  • यदि दर्द तीव्र हो तो 6-7 घंटे पर ब्रूफेन का उपयोग करें।
  • Misoprostol को जीभ के भीतर आधे घंटे तक रखे रहें। फिर जब यह घुल जाए तो एक ग्लास पानी पी लें। जिससे यह दवा पूरे शरीर में फैल जाए। यदि उसके बाद उल्टी हो जाती है तो इसे फिर लें।
  • दो तीन हफ्तों के बाद एक बार डॉक्टर से जरूर कंसल्ट कर लें। साथ ही साथ अल्ट्रासाउंड कराकर एबोर्शन टेस्ट करवा लें।

मिफेजेस्ट किट के द्वारा गर्भपात कराने के लाभ

  • इसे घर पर ही किया जा सकता है।
  • इसे मेडिकल स्टोर से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

मिफेजेस्ट किट के नुकसान

  • भारी मात्रा में रक्त का शरीर से निकल जाना
  • कमजोरी, ब्रेन हेमरेज
  • बदन में ऐंठन, उल्टी
  • संक्रमण
  • बुखार तथा चक्कर आना
  • गर्भाशय में ब्लड का जम जाना
  • अपूर्ण गर्भपात
  • जी मिचलाना

मिफेजेस्ट किट का इस्तमाल कब न करें

  • इसका इस्तमाल तब न करें जब गर्वधारण 63 दिनों से अधिक हो।
  • किडनी ठीक से काम न कर रहा हो।
  • लंबे समय से हृदय रोग या एनेमिया की समस्या हो।
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