जिंजीबर [ Zingiber Officinale Homeopathy In Hindi ]

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[ अदरक या आदी, सूखी अदरक से टिंचर तैयार होता है ] – श्वास-प्रश्वास संबंधी यन्त्र और आँत, पाकस्थली प्रभृति पर इसकी प्रधान क्रिया होती है। स्वरयंत्र की उत्तेजना, गला फंसना, खाँसी और सवेरे के समय का सिर दर्द, मिचली, वमन और पाकस्थली बहुत भारी मालूम होती है। ऐसा मालूम होता है मानो पत्थर भरा हुआ है। पेट फूलना, दर्द, उदरामय प्रभृति कितनी ही बीमारियों में और लक्षणों में इसका व्यवहार होता है। गन्दा दूषित पानी पीने के कारण होने वाले अतिसार में और शराबियों के वमन में इससे बहुत फायदा होता है।

जिंजीबर दवा के लक्षण में – रोगी के मन में चिंता बैठी रहती है, कुछ भी सोचकर डरना और उदास बैठ जाना उसकी आदत रहती है, ऐसे में जिंजीबर दवा फायदा करती है।

तरबूज खाने से अतिसार और पेट की गड़बड़ी में Zingiber लाभ करता है। इस दवा के लक्षण में दमा के कष्टकर उपसर्ग संध्या से बढ़ जाते हैं, रोगी सो नहीं सकता, बैठा रहता है।

रोग में वृद्धि – गन्दा पानी पीने और सुबह खरबूजा खाने से रोग का बढ़ना।

क्रियानाशक – नक्स वोमिका।

क्रम – 1, 6 शक्ति।

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