कमर दर्द के घरेलू इलाज, कारण, लक्षण

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कमर दर्द का कारण – यह रोग विशेष रूप से महिलओं में होता है। यह बहुधा अधिक देर तक बैठे रहने से, खड़े रहने, बैठने या कार्य करने की गलत संस्थिति (Posture) से, नरम गद्दों पर सोने, आफिस में या भारी वजन गलत तरीके से एकदम उठा लेने के कारण होता है। पेशीय खिंचाव या मानसिक तनाव के कारण भी कमर दर्द हो सकता है। महिलाओं में गर्भाशय के विभिन्न विकारों से कमर दर्द होता है।

लक्षण – कमर में घोर पीड़ा, टनटनाहट, उठने-बैठने में कष्ट, सुबह उठने पर कमर दर्द ज्यादा होना, झुकने पर कमर दर्द का होना आदि लक्षण हैं।

इस रोग में विशेष बात यह ध्यान रखने की है कि कुर्सी पर, जमीन पर जब भी बैठे, सीधे सतर्क ही बैठें। सोने के लिये सख्त बिस्तर ही काम में लें।

कमर दर्द के घरेलू उपचार

( kamar dard ka gharelu ilaj )

– धतूरे के पत्तों का रस 200 ग्राम, आक के पत्तों का रस 200 ग्राम, अरण्ड के पत्तों का रस 200 ग्राम, तिल का तेल 1 किलोग्राम लेकर उसमें भली-भाँति पकायें फिर छानकर रख लें। जब यह तेल लगाना हो तो हलके गर्म करके मालिश करें।

– कच्चे आलू की पुल्टिस कमर में लगायें।

– मेथी की सब्जी खाने से कमर दर्द में लाभ होता है।

– गेहूँ की रोटी एक ओर से सेंक लें और एक ओर से कच्ची रखें। कच्ची की ओर तिल का तेल लगाकर दर्द वाली जगह बांध दें। दर्द दूर हो जायेगा।

– कमर दर्द होने पर अरण्ड के बीज की 5 मींगी दूध में पीसकर पिलाने से लाभ होगा।

– जायफल पानी में घिसकर तिल के तेल में मिलाकर अच्छी तरह गर्म करें। ठण्डा होने पर कमर पर मालिश करें, लाभ होगा।

– कमर दर्द में एक चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच घी मिलाकर पीना चाहिये।

– सहजन के फूल या फली की सब्जी खाना कमर दर्द में लाभदायक है।

– कमर में दर्द होने पर यदि बादाम के तेल से कमर की मालिश करें तो कमर का दर्द जल्दी ही दूर हो जाता है।

– सोंठ को मोटा-मोटा पीसकर 2 कप पानी में उबालकर काढ़ा बना लें, जब आधा कप पानी बचे तब उतारकर ठण्डा कर लें और इसमें 2 चम्मच अरण्डी का तेल डालकर सोने से पहले कमर में लगायें, दर्द में आराम मिलेगा।

– गठिया के दर्द, सिरदर्द एवं कमर के दर्द में लौंग के तेल की मालिश करने से आराम पहँचता है। राई के तेल तथा तिल के तेल को समान भाग में लेकर शीशी में डालकर हिला लें। जहां पर ज्यादा दर्द हैं, वहाँ पर ऐसे तेल की मालिश करने पर दर्द खत्म होकर खुजली नष्ट हो जायेगी।

– कमर दर्द हो तो सोंठ का चूर्ण या अदरक के रस को नारियल के तेल में उबालकर मालिश करें।

कमर दर्द का होम्योपैथिक इलाज

फेरम-फॉस 12x – प्रदाह की प्रधान दवा है। रोग वाली जगह यदि लाल हो तो इसका प्रयोग बहुत सफल रहता है।

कल्केरिया-फॉस 12x – प्रात:कालीन पीठ के दर्द में विशेष उपयोगी है।

नैट्रम-फॉस 3x – कड़े स्थान पर सोने से दर्द का कम हो जाना।

नैट्रम-मयूर 3x – पीठ व पूरे शरीर का कुचल जाने जैसा आभास होना तथा दबाने से आराम मालूम होना आदि में दें।

मिश्रित-योग – फेरस फॉस12x, कल्कैरिया-फॉस 3x, कल्कैरिया फ्लोर 3x, कल्कैरिया सल्फ 3x, नैट्रम मयूर 3x, काली फॉस 3x, मैंग फॉस 3x, साइलीसिया 12x, और नैट्रम फॉस 3x. कमर दर्द में उत्तम दवा हैं। यदि पूर्ण लाभ न हो तो काली-मयूर 3x,मिला देना चाहिये।

अर्निका 200, ब्रायोनिया 30रस टाक्स 30 अच्छी औषधियां हैं।

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