एनागेलिस ( Anagallis 30 Uses In Hindi )

596

यह औषधि एक तरह के वृक्ष के टिंचर से तैयार करके बनायी जाती है। इसकी पहचान सारे शरीर में भारी खुजली और गुदगुदाहट से होती है। कुत्ता, सियार इत्यादि के काटने के कुछ दिन बाद जब रोगी पानी या किसी तरह की चमकीली चीज देखकर डर जाता है, उस समय हमलोग कहते हैं कि इसे हाइड्रोफोबिया रोग हुआ है, तो एनागेलिस इस बीमारी की बहुत पुरानी और लाभदायक दवा है। इस अवस्था में रोगी को इसका मदर-टिंचर या पहली से 3री शक्ति का सेवन कराना पड़ता है ( कंधे और हाथ में दर्द, मूत्रनली में उत्तेजना की वजह से रतिक्रिया की इच्छा, पेशाब का छिद्र रुका रहता है और पेशाब में जलन रहती है, कई धाराओं में पेशाब होता है – एनागेलिस इसकी बढ़िया दवा है।

आमवाती और गठिया (gouty) दर्द कन्धों और बांहों में पीड़ा, हाथ के अंगूठे की पोर तथा उंगुलियों में ऐंठन, मूत्रनली में थोड़ा बहुत क्षोभ (irritation) जिसकी वजह से रतिक्रिया की इच्छा, पेशाब का छिद्र बन्द हो जाता है और पेशाब में जलन रहती है। पेशाब कई धाराओं में होता है। किसी स्थान पर कांटा गड़ जाने पर इसके सेवन से कांटा निकल जाता है। हाथों और उंगुलियों में खुजली छाले झुण्ड में निकलते हैं।

सम्बन्ध – प्रसव के बाद फूल अटक जाने की वजह से जरायु से रक्तस्राव होने के साथ ही साथ प्रलाप आदि भी वर्तमान रहते हैं। इस अवस्था में स्ट्रैमोनियम की अपेक्षा सिकेलिस से ज्यादा फायदा होता है। बैलेडोना और कूप्रम के बाद स्ट्रैमोनियम के प्रयोग से बहुत फायदा होता है, खासकर हूपिंग खांसी में।

क्रियानाशक – ऐसेटिक एसिड, बेल, हायो, नक्स, ओपि, पल्स।

मात्रा – 1,3, 30, 200 शक्ति ।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.