राई के फायदे – राई के लाभ

301

प्रकृति – गर्म। राई गर्म और पसीना लाने वाली होती है। इसका लेप करने से त्वचा लाल हो जाती है और रक्तवाहिनियाँ उत्तेजित हो जाती हैं जिससे उस भाग में शून्यता पैदा हो जाती है।

लेप विधि – राई को ठण्डे पानी के साथ पीसें। साफ मलमल के कपड़े को जिस अंग पर लेप करना हो, बिछा दें। फिर उस कपड़े पर पिसी हुई राई फैला दें, लेप कर दें। कपड़ा न रखकर लेप करने से त्वचा पर फुसियाँ हो जाती हैं। इसे अधिक समय न रखें। लेप करीब 10-15 मिनट रख सकते हैं। इस लेप से उल्टियाँ बन्द हो जाती हैं।

उदरशूल (Colic) और दु:साध्य उल्टियों को रोकने के लिए पेट पर राई का लेप आश्चर्यजनक लाभकारी है।

हैजा – रोगी को बहुत उल्टी, दस्त होते हों और शरीर में बाँयटे आते हों, अंगों में शिथिलता पैदा हो रही हो, ऐसी स्थिति में राई का लेप बहुत लाभ देता है। हैजा के अलावा भी उल्टी, दस्त होते हों, किसी औषधि से न रुकते हों तो राई के लेप से रुक जाते हैं। लेप पेट पर करें।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.