दादी माँ के देसी घरेलू नुस्खे

513

यदि शरीर में जहर चला गया हो और डॉक्टर तक पहुंचने में देर लग रही हो

  • गर्म पानी में नमक डालकर पीड़ित को पिला दें। इससे उसे उल्टी हो जाएगी।
  • आधा चम्मच सुहागा पीसें और देसी घी के साथ खिला दें।
  • दूध में घी डालकर पिलाने से भी जहर का असर कुछ कम हो जाता है।

किसी एलर्जी के कारण त्वचा सूज जाए, उसका रंग बदल जाए और वहां खुजली हो

  • मेथी की पत्तियों को पीसकर प्रभावित स्थान पर लगाएं।
  • कच्चे आलुओं का रस लगाने से भी लाभ होगा।
  • तारपीन के तेल को सरसों को तेल में मिलाकर मालिश करें।
  • नारियल के तेल की मालिश भी असर करेगी।
  • करेले का रस प्रभावित स्थान पर लगाएं। नमक मिलाकर रस का सेवन भी करें।

मोच के बाद यदि उस अंग पर सूजन आ जाए

  • सूजन वाले स्थान पर तेजपत्ता और लौंग पीसकर लगाएं।
  • तुलसी के पत्तों का रस और सरसों के तेल को मिलाकर दिन में कई बार लगाएं।
  • तारपीन या सरसों के तेल की मालिश से भी सूजन कम होगी।
  • सरसों के तेल में नमक मिलाकर गर्म करें और सूजन वाले स्थान पर लगाएं।

दांतों में दर्द उठे और डॉक्टर के पास जाने में देर हो

  • हींग को पानी में घोलकर दांतों पर लगाएं।
  • आंवले के चूर्ण में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर मंजन की शैली में उंगलियों से मलें।
  • पालक के रस में पानी मिलाकर कुल्ली करें।
  • राई को पानी में डालकर उबालें और फिर उससे कुल्ली करें।
  • सरसों का तेल और हल्दी का मिश्रण लगाने से भी राहत मिलेगी।

अंग जल जाए और डॉक्टर के पास जाने में देर लगे

  • जले हुए अंग को पानी में डुबो दें। यदि ऐसा करना संभव न हो तो अंग पर पानी का कपड़ा रख दें। बर्फ हो तो उसके टुकड़े रखें।
  • जलने से त्वचा पर पड़ गए फफोलों को फोड़ना नहीं चाहिए। इन फफोलों में पानी भरा होता है, जो नीचे की खाल को सुरक्षा प्रदान करता है।
  • कच्चे आलू को पीसकर उसका लेप जले हुए स्थान पर लगाएं। बहुत राहत मिलेगी।
  • जीरे को पानी में पीस लें और उसका लेप लगाएं।
  • तुलसी के पत्तों का रस को नारियल के तेल में मिलाकर लगाना चाहिए।
  • मुलतानी मिट्टी लगाने से भी राहत मिलेगी।
  • पके केले के गूदे को मसलकर लगाने से भी लाभ होगा।
  • गाजर का रस भी जले हुए स्थान पर राहत देगा।
  • यदि शरीर ज्यादा जला हो तो घरेलू उपचार करके पीड़ित को चादर ओढ़ा दें और उसे तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचाएं।

त्वचा पर घमौरिया हो जाएं

  • घमौरिया वाले स्थान पर दिन में कई बार बर्फ के टुकड़े मलें।
  • मुलतानी मिट्टी का लेप भी राहत देगा।
  • संतरे के छिलकों को सुखाकर पीस लें और पाउडर को गुलाबजल में मिलाकर लगाएं।
  • तुलसी की लकड़ी को पानी में घिसकर लगाएं।

अचानक चोट लगने से घाव हो जाए

  • घाव में दिन में कई बार प्याज या लहसुन का रस लगाएं।
  • तुलसी की लकड़ी को पानी में घिसकर उसका लेप लगाएं।
  • आम की छाल को पानी में धिसकर लगाएं।
  • हल्दी को तवे पर भून लें और उसमें सरसों का तेल मिलाकर लगाएं।
  • शहद को घाव पर लगाने से भी लाभ होगा।

जब बिच्छू, मधुमक्खी या कोई अन्य कीड़ा काट ले

  • कीड़े के डंक वाले स्थान पर हर दस मिनट के बाद तारपीन का तेल लगाएं।
  • आटे में सिरका मिलाकर काटे गए स्थान पर लगाने से भी राहत मिलेगी।
  • लहसुन को पीसकर उसमें सेंधा नमक मिलाकर लगाएं।
  • अजवायन को पीसकर लगाने से भी राहत मिलेगी।
  • डंक वाले स्थान पर फिटकरी को पानी में घिसकर लगाएं।
  • मधुमक्खी के काटने पर बाकी उपाय तो हैं ही, लोहे को घिसकर लगाने से भी लाभ होगा।
  • अगर डंक अंदर ही रह गया हो तो उसे सुई की मदद से निकाल दें।

जब बच्चे की नाल काटने के बाद नाभि पक जाए

  • लौंग के तेल और तिल्ली के तेल को मिलाकर लगाएं।
  • हल्दी को देसी घी में मिलाकर लगाएं।
  • चिकनी सुपारी पानी में घिसकर दिन में कई बार लगाएं।

जब बच्चे के दांत निकलते समय उसे कष्ट हो

  • थोड़ा-सा सुहागा लें और शहद में मिलाकर मसूढ़ों पर मलें।
  • चूने के पानी में शहद मिलाकर दांतों पर मलने से भी लाभ होगा।
  • मक्खन और शहद मिलाकर लगाने से भी दांत आसानी से निकलते हैं।
  • तुलसी के पत्तों का रस और शहद का संयोजन मसूढ़ों पर मलने से भी लाभ होगा।
  • मुलेठी के चूर्ण का सेवन भी बच्चे की परेशानी कम करेगा।
  • सुबह-शाम एक-एक चम्मच अंगूर का रस पिलाने से भी राहत मिलेगी।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Open chat
पुराने रोग के इलाज के लिए संपर्क करें