हिमालय सिस्टोन टैबलेट के लाभ [ Himalaya Cystone Tablet in Hindi ]

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जड़ी बूटियों और खनिजो का एक आयुर्वेदिक फार्मूला है सिस्टोन। स्वाभाविक रूप से सिस्टोन सामान्य मूत्र संरचना को बनाए रखने में मदद करता है तथा एक स्वस्थ मूत्र मार्ग को बढ़ावा भी देता है। अगर सरल भाषा में कहा जाए तो आहार अनुपूरक के रूप में सिस्टोन गुर्दे और मूत्र मार्ग के सामान्य कार्यों में बहुत मदद करता है। साथ ही साथ यह पानी से अस्थायी वजन बढ़ने से राहत देता है। वैसे तो हर टैबलेट के निम्न साइड इफेक्ट्स देखे जाते ही है, पर सिस्टोन का कोई नुकसान नहीं अगर इसे कोई भी सही समय व सही मात्र में ले।

सिस्टोन में कोई साइड इफेक्ट्स न होने के बावजूद भी व्यक्ति जिगर तथा दिल की बीमारी से ग्रस्त हैं तो वह, बिना चिकित्सक की सलाह लिए बिलकुल सिस्टोन टैबलेट का सेवन न करे। अक्सर बहुत से लोगों के मन में प्रश्न आते होंगे की हालत में सुधार लाने के लिए कितनी अवधि तक सिस्टोन का उपयोग करना चाहिए। तो उन्हें हम यह जानकारी दे दें कि वैसे तो दो हफ्तों में सुधार हो ही जाता है, पर आपकी जरुरत अलग हो सकती है, तो अवधी में भी फर्क आ सकता है।

यह मेडिसिन पूरी तरह हर्बल है तो बिना किसी साइड इफेक्ट्स के सिस्टोन के बहुत से लाभ है, जैसे:-

  1. यह हमारे शारीर में पत्थरी को बनने से रोकता है तथा उसे घुला कर बाहर निकलने में मदद भी करता है।
  2. यह पेशाब की संक्रमण व जलन को दूर भी करता है।
  3. इसे हम मूत्रवर्धक या मूत्रल भी कह सकते है।
  4. यह मूत्र के pH मान को सही करता है, व पेशाब के जलन को दुर करता है।
  5. इसके सेवन से गुर्दे के छोटे पत्थर बाहर निकल जाते है।
  6. मूत्र मार्ग में हुए सुजन भी, सिस्टोन के उपयोग में ठीक हो जाते है।

सिस्टोन में शिलापुष्प, मंजिष्ठ, गोजिवा, सहदेवी व पाषणदेव जैसे सामग्री मिले हुए है, और दिन में २-३ बार इसे पानी के साथ लेना या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लेने से ऊपर बताये गए समस्या का निवारण होता है। वैसे तो सिस्टोन बहुत सी बीमारियों का इलाज करता है, लेकिन कुछ निम्नलिखित बीमारियों में इसकी विशेषता है:

  1. आंत में फोड़ा
  2. यौन इच्छा को बढ़ाना
  3. गुर्दे की पथरी
  4. मुत्राधिक्य
  5. मुत्रिय पथ के विकार
  6. मधुमेह
  7. उदरीय सूजन
  8. लिपिड के उच्च स्तर
  9. प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार
  10. गुर्दे संबंधी यातनाएं

इस दवा को उपयोग करने से पूर्व, अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान दवाओं, पहले से मौजूद बीमारियों तथा वर्तमान स्वास्थ स्थितियों के बारे में जानकारी प्रदान करे। क्योंकि कुछ परिस्थितियों में आपको दवा के दुष्प्रभावों के प्रति और ज्यादा संवेदनशील बना सकती है। अपने चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार सिस्टोन टैबलेट का सेवन करे या उत्पाद पर प्रिंट किये गए निर्देशों का पालन करे। खुराक आपकी स्थिति पर आधारित होती है। यदि आपकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा या आपकी स्थिति ज्यादा खराब हो रही है तो अपने चिकित्सक से तुरंत सलाह लें। जो महिला गर्भवती या स्तनपान कराने की योजना बना रही है, वह खास ख्याल रखे।

अगर आपको हिमालय सिस्टोन टैबलेट के बारे में अन्य कोई विशेष जानकारी चाहिए, तो आप इसके वेबसाइट पर जा सकते है। और अगर आपको ऊपर लिखी जानकारी में कोई संदेह है तो आप हमारे कमेंट में हमसे पूछ सकते है।

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