( हाइड्रोसेफलस ) ब्रेन में पानी भर जाने का होम्योपैथिक इलाज और दवा | Hydrocephalus ka Homeopathic Treatment In Hindi

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इस लेख में हम हाइड्रोसेफलस रोग, सिर में पानी होने की समस्या को ठीक करने की कुछ मुख्य होम्योपैथिक दवा की चर्चा करेंगे।

हाइड्रोसेफलस किसे कहते हैं :-

जब मस्तिष्क में असामान्य रूप से ज्यादा मात्रा में cerebro spinal जमा हो जाता है तो इस अवस्था को हाइड्रोसेफलस कहते हैं। साधारण बोल चाल की भाषा में इस बीमारी को ब्रेन में पानी जमा होने की बीमारी कहते हैं। यह बीमारी जन्म लेने के पहले या बाद में भी हो सकती है। हाइड्रोसेफलस की समस्या मस्तिष्क पर दवाब डालती है।

हाइड्रोसेफलस होने के कारण

  • मस्तिष्क में असमान्य रूप से अत्यधिक मात्रा में cerebro spinal का उत्पत्ति होना।
  • मस्तिष्क में चोट लगने के कारण भी यह बीमारी हो जाती है।
  • Infection या Tubercular infection से भी यह बीमारी हो जाती है।
  • Brain wain के कारण भी यह बीमारी हो जाती है।

हाइड्रोसेफलस के लक्षण

  • छोटे बच्चे लगभग एक वर्ष तक के बच्चे का सिर बड़ा दिखाई पड़ना और सिर काफी बड़ा भी हो जाता है।
  • सिर में केश अर्थात बाल भी बहुत कम रहता है।
  • बच्चा प्रायः बिछावन पर पड़ा रहता है या सुस्त या सोते रहता है। चिड़चिड़ा रहता है।
  • बच्चा माता का दूध पी कर उल्टी भी कर देता है।
  • शरीर दुबला और सिर बड़ा हो जाता है
  • ऊपर देख नहीं पाता और मिर्गी जैसे दौरे, झटके भी आते हैं।
  • बड़े बच्चे में हाइड्रोसेफलस के लक्षण देखें तो :-
  • प्रायः सिर दर्द रहता है। दिखाई कम पड़ता है।
  • कभी -कभी एक चीज का दो-दो रूप भी दिखाई पड़ता है।
  • मिर्गी जैसा दौरा, झटका आता है। ठीक से चल नहीं पाता, व्यवहार में परिवर्तन रहता है। चलते-चलते पेशाब कपडे में कर देता है।

एलोपैथी चिकित्सा की बात करें तो उसमे Shunt Surgery होती है। ज्यादातर मामलों में यह Surgery सफल नहीं होती। बच्चे का दिमागी विकास रुक जाता है।

हाइड्रोसेफलस का होम्योपैथिक दवा

Calcerea Phos 30 – प्रतिषेधक दवा के रूप में pregnancy के समय दिया जाता है।

Hedera Helix Q – 5 बून्द दवा सिर्फ एक बार दिया जाता है। दुसरे दिन सुबह नाक से साफ़ तरल बहता है और इसी एक खुराक से इलाज हो जाता है। दूसरा खुराक पुनः बीमारी उभरने पर दिया जाता है।

Apis mel 30 – सिर में तेजी से तरल का जमा होने से चेहरा में सूजन, पीला, अचेत अवस्था में अपने सिर को तकिया में घुसाकर सिर को हिलाता रहता है। कभी-कभी चीख कर चौंक जाता है। आँखें तिरछी, तेज और नाड़ी कमजोर होती है।

Belladona 30 – यह acute case की दवा है। ज्वर, तेज सिर दर्द, चेहरा लाल और आँखें जलने वाली होती है।

Calcarea carb 30 – मोटे और थुलथुले बच्चे जिसका नाक और मुंह खुला और सिर बहुत ज्यादा बड़ा हुआ रहता है। सिर पर पसीना भी आता है।

Apocynum 30 – सिर बड़ा, माथा बाहर निकला हुआ। सुस्त और एक हाथ और एक पैर को बराबर हिलाते रहता है। पेशाब और पसीना कम निकलता है।

Zincum Met 30 – रोगी अपना सिर घुमाते रहता है और सोकर उठने पर ऐसा लगता है मानो डर गया हो। सिर का पिछला भाग गर्म और अगला ठंडा, माथा टेढ़ा रहता है। दांत किटकिटाना, आँखें फैली हुई और प्रकाश को सहन नहीं कर पाता है। सोये अवस्था में शरीर फड़कते रहता है।

Helleborus niger 30 – संवेदना की अत्यधिक कमी। आँख से देख नहीं पाना, कान से सुन नहीं पाना और आँख पर प्रकाश का प्रभाव नहीं पड़ता। एक हाथ और पैर हिलाते रहता है। शरीर में तेज झटके आना। पेशाब कम होना जैसा लक्षण दीखता है।

Tuberculinum 1M – टीबी के लक्षण और इतिहास वाले रोगी में यह व्यवहार किया जाता है।

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