Lyssin (Hydrophobinum) Homeopathy [ कुत्ता काटने का होम्योपैथिक दवा ]

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Hydrophobinum

यह औषधि बावले कुत्ते की राल से शक्तिकृत की गई है। लुइस पैस्टियर ( Louis Pastuer जिनके नाम से कसौली आदि स्थान में बावले कुत्तों के काटे हुए मनुष्यों की चिकित्सा होती है ) द्वारा इस विष की परीक्षा होने के 50 वर्ष पूर्व, 1833 साल में होमियोपैथिक चिकित्सक डॉक्टर हेरिंग ने इसके गुण की परीक्षा करके चिकित्सा जगत में इसका प्रचार किया था। इस औषधि का प्रभाव बहुत ही गम्भीर, दीर्घकाल, स्थाई और निश्चित है।

हाइड्रोफोबीनम का मुख्य लक्षण :-

  1. पानी उबलने या बहने का शब्द सुनने या बहता हुआ पानी देखने से सारी तकलीफों का बढ़ जाना इसका सर्व प्रधान लक्षण है।
  2. पानी देखकर डर जाने पर बावले कुत्ते के काटे से पागल हो जाने के डर पर, इस औषधि का प्रयोग करने से विशेष लाभ होता है।
  3. सिर दर्द – कुत्ते के काटने से चाहे कुत्ता पगला हो या न हो, बहते हुए पानी की आवाज या चमकीली रौशनी से सिर-दर्द की वृद्धि होती है।
  4. बहता हुआ पानी देखने पर बार-बार पेशाब करने की प्रबल इच्छा इसका एक अदभुद लक्षण है। पेशाब थोड़ा और धुंधले रंग का होता है, पेशाब में शक़्कर रहती है।
  5. सूरज की गर्मी सहन नहीं होता।
  6. ऐंठन – पानी या आइना पर चकाचोंध या अक्स पड़ी हुई रौशनी से, पानी के समान किसी पतले पदार्थ के बारे में सोचने से, जरा भी छू जाने या हवा की झोंक से ऐंठन होने पर, लाइसीन से फायदा होगा।
  7. पानी या पतले पदार्थ के निगलने में तकलीफ। बार-बार निगलने की इच्छा रहती है और हलक में दर्द होता है।
  8. मन उत्तेजक और दुःखदाई खबर से हमेशा सब तकलीफें बढ़ जाती है।
  9. घाव के रंग में कुछ नीलापन।
  10. बहुत ज्यादा विषयभोग करने की इच्छा से तकलीफ का बढ़ना, कोनायम का लक्षण है।
  11. वर्षों से जरायु का योनि से बाहर निकल आने की शिकायत इस औषधि से दूर होती है।
  12. प्रदर – बहुत ज्यादा, टांगों तक लटक जाना।
  13. योनि का नाजुकपन, पुरुष के साथ संगम में तकलीफ होना।
  14. सम्बन्ध – बेल, कैन्थ, हायोस, लैके और स्ट्रोमो के साथ तुलना कर सकते हैं।
  15. ऐसे जानवर जो पागल नहीं है, उनके द्वारा काटे जाने के बुरे फल को नष्ट करता है।
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रोग में वृद्धि – पानी देखने या उसके शब्द से, चमकीली या चकाचौंध रौशनी से, गाड़ी की सवारी से, झुकने से, सूरज की गर्मी से, जरा भी छू जाने से, हवा या बिजली के पंखे की झोंक से, गर्मी और नम हवा से।

रोग में कमी – गर्दन का दर्द सिर को पीछे की तरफ झुकाने से कम रहता है, सिर दर्द ठंडी हवा से कम रहता है, गर्म भाप या गर्म पानी से कमी।

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