मूत्राशय का पक्षाघात (लकवा) होम्योपैथी उपचार [ Paralysis of Bladder Homeopathy Hindi ]

0
314

मूत्राशय के पक्षाघात में निम्नलिखित औषधियों का लक्षणानुसार प्रयोग हितकर सिद्ध होता है:-

ओपियम 3, 30, 200 – पेशाब के निकलने में बहुत देर लगना, पेशाब की धार का बहुत कमजोर होना, बहुत सा पेशाब बिना किये ही रह जाना अथवा किसी भय के कारण पेशाब का अपने आप निकल पड़ना अथवा इन परिस्थितियों में पेशाब का रुक जाना-इन लक्षणों में यह औषध लाभ करती है ।

सिकेल-कोर 30 – मूत्राशय का पक्षाघात, पेशाब का रुके रहना तथा जोर लगाने पर भी न निकलना एवं वृद्ध व्यक्तियों का पेशाब अपने आप ही निकल जाना-इन लक्षणों में हितकर है।

Loading...

बेलाडोना 30 – किसी प्रत्यक्ष कारण के बिना ही पेशाब का रुक जाना तथा बच्चे का रात को सोते समय पेशाब कर देना-इन लक्षणों में लाभकारी है ।

कैन्थरिस 6, 30 – पेशाब करते समय मरोड़, बूंद-बूंद पेशाब आना, तथा पेशाब करते समय जलन जैसा अनुभव – इन लक्षणों में लाभ करती है ।

एकोनाइट 200 – ठण्ड लग जाने के कारण पेशाब रुक जाने के लक्षण में हितकर है ।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658

डल्कामारा – यह भी ठण्ड के कारण पेशाब रुक जाने में उपयोगी है ।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here