लकवा (पैरालिसिस) का अंग्रेजी दवा [ Paralysis Treatment In Hindi ]

0
2283

इस रोग का आक्रमण एकाएक होता है। इस रोग में शरीर का आधा भाग बेकार हो जाता है । जैसे – सिर से पैर तक एक तरफ का भाग रोगी अपनी इच्छा से नहीं हिला सकता है । वातरोग का यह महारोग रोगी को बिस्तर पर पटक देता है ।

वयस्कों की भांति बच्चों में भी इस रोग का आक्रमण एकाएक हो जाया करता है । ज्वर के साथ आक्षेप के झटके आते हैं। सूखी खाँसी, मिचली, वमन, पीठ में दर्द, सिर में दर्द, कण्ठ में वेदना, समूचे शरीर में दर्द और थकावट, बेचैनी एवं कष्ट से बच्चा रोता रहता है । इस रोग की तीन अवस्थाएँ होती हैं:-

1. प्राक अवस्था (Pre Paralytic Stage) – प्रथमावस्था में उग्र रूप में ज्वर 103 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक 3-4 दिनों तक । तीव्र सिरदर्द और पीठ में दर्द, मन्यास्तम्भ तथा यदा-कदा मूत्रग्रह भी होता है । बच्चा शीघ्र ही अचेतन हो जाता है, माँसपेशियाँ शिथिल पड़ जाती हैं और सिर पीछे की ओर लटक जाता है ।

Loading...

2. अंगघात की अवस्था (Paralytic stage) – द्वितीयावस्था में हाथ-पैर तथा समूचा शरीर हिलने-डुलने में असमर्थ रहता है। बच्चा बिछावन पर निष्क्रिय पड़ा रहता है।

3. मस्तिष्क में विकृति की अवस्था – तृतीयावस्था में मस्तिष्क की क्रिया मन्द और अनियमित हो जाती है ।

यहाँ पक्षाघात का अंग्रेजी दवा बताया जा रहा है।

बेन्जाइल पेनिसिलिन 10 लाख (एलेमिबक) अथवा अन्य कम्पनियां – डि. वाटर में घोलकर 2 बार मांस में इन्जेक्शन लगायें ।

न्यूरोवियोन (ई. मर्क) – 1 एम्पूल (3 मि.ली.) रोजाना मांस या शिरा में लगायें।

नोट – यही इन्जेक्शन ल्यूपिन कम्पनी, आप्टीन्यूरान, डोल्फिन कम्पनी, न्यूरोफिन तथा बी. इवान्स कम्पनी विथाडाक्सीन 12 के नाम से बनाती है ।

कम्पलामिना (जर्मन रेमेडीज) – 1 एम्पूल 2 या 3 बार मांसपेशी या शिरा में लगायें।

टेरामायसिन (फाईजर कंपनी) – 250 से 500 मि.ग्रा. मांसपेशी में नित्य लगायें ।

न्यूरोट्रेट कैपसूल (जर्मन रेमेडीज) – 1 कैपसूल दिन में 2-3 बार सेवन करायें।

टेरामायसिन कैपसूल (फाईजर कंपनी) – 1 कैपसूल दिन में 4 बार ।

कम्पलामिना टैबलेट (जर्मन रेमेडीज) – 1 टेबलेट दिन में 3 या 4 बार खिलायें।

ट्रि-रेडिसाल एच- (एम. एस. डी. कंपनी) – बच्चों को 500 माइक्रोग्राम शक्तिवाला 1/4 से 1/2 मि.लि. का नितम्ब के गहरे मांस में 1-2 बार प्रतिदिन इन्जेक्शन लगायें। इसी का ड्राप्स 0.6 मि.ली. (10 बूंद) बच्चों को दिन में 1 बार पिलायें ।

वाई मैग्ना ड्राप्स (सायनेमिड कंपनी) – बच्चों को 0.3 से 0.6 मि.ली. (5 से 10 बूंद) प्रतिदिन आवश्यकतानुसार 1-2 बार पिलायें ।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658

पैरालायटोल लिनिमेंट – इसे रीढ़, हाथ-पाँव, तथा समस्त शरीर पर दिन में 2-3 बार लगाकर दृढ़ हाथों से मालिश करें ।

Loading...
SHARE
Previous articleआंखों के विभिन्न रोगों का इलाज [ Aankh Ke Liye Medicine ]
Next articleपीलिया (पाण्डु) की अंग्रेजी दवा [ Jaundice Treatment In Hindi ]
जनसाधारण के लिये यह वेबसाइट बहुत फायदेमंद है, क्योंकि डॉ G.P Singh ने अपने दीर्घकालीन अनुभवों को सहज व सरल भाषा शैली में अभिव्यक्त किया है। इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए वेबसाइट निर्माता भी बधाई के पात्र हैं । अगर होमियोपैथी, घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज के सभी पोस्ट को रेगुलर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे फेसबुक पेज को अवश्य like करें। Like करने के लिए Facebook Like लिंक पर क्लिक करें। याद रखें जहां Allopathy हो बेअसर वहाँ Homeopathy करे असर।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here