ऐस्क्लेपियस ( Asclepias Homeopathy In Hindi )

375

ऐस्क्लेपियस नामक वृक्ष की ताजी जड़ या सोर से इसका टिंचर तैयार किया जाता है, यह दो प्रकार का होता है। Asclepias Cornuti और Asclepias Tuberosa इन दो प्रकार के ऐस्क्लेपियस का हम अधिक प्रयोग करते हैं।

ऐस्क्लेपियस कन्यूटी या साइरिका (asclepias cornuti or syriaca) यह औषधि विशेष रूप से हृत्पिण्ड व पेशाब सम्बन्धी कुछ बीमारियों, शोथरोग और वात रोग में प्रयोग होती है। शोथ और उदर-रोग से ऋतुस्राव का बन्द होना।

शोथ (dropsy) – इसके सेवन से पसीना और पेशाब का परिमाण बढ़कर कर शोथ रोग घट जाता है।

वात – शरीर की सन्धियों पर बीमारी का दौरा होने से यह एक लाभदायक औषधि है।

मात्रा – Q-1, 6 शक्ति।।

एस्क्लिपियस टयुबरोसा (Asclepias Tuberosa) – भोजन के बाद पेट फूलना और दर्द होना, पाखाने के पहले पेट में गड़गड़ाहट और दर्द होना, पीले रंग के पतले दस्तों के साथ छोटी-छोटी कृमि, धूम्रपान करने पर चक्कर आ जाना, ललाट और माथे के ऊपरी भाग में तेज दर्द, शीत ऋतु में रक्तातिसार इत्यादि कई बीमारियों और लक्षणों पर इसका पूरा अधिकार रहने पर भी वक्षस्थल की कई बीमारियों में ही इसकी अधिक आवश्यकता होती है।

मात्रा – Q, 6 शक्ति।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.