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Angina Pectoris Treatment – हृदय शूल का इलाज़

इस रोग में हृदय में दर्द होने लगता है जो पिछले हिस्से तक फैलता जाता है । छाती में जलन, जी मिचलाना, कमजोरी, नाड़ी का अनियमित हो जाना, साँस लेने में कठिनाई आदि लक्षण प्रकटते हैं । यह रोग मुख्यतः मादक पदार्थों के अति सेवन, अति भोजन, अति श्रम,…

Enlarged Heart Treatment – हृदय का बढ़ जाना

इस रोग में हृदय का आकार सामान्य से बड़ा हो जाता है जिससे यह भारी हो जाता है । इसमें नाड़ी की गति तेज हो जाना, साँस लेने में तकलीफ प्रकटते हैं । यह रोग मुख्यतः अत्यधिक शारीरिक परिश्रम करने और पर्याप्त पौष्टिक भोजन न मिल पाने से उत्पन्न होता…

Low Blood Pressure Treatment – निम्न रक्तचाप

इस रोग में शरीर में रक्त का दबाव अस्वाभाविक रूप से कम हो जाता है । इस रोग में आलस्य, उत्साह में कमी, स्मरण-शक्ति की दुर्बलता, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, सिर-दर्द आदि लक्षण प्रकटते हैं । यह रोग मुख्यतः पौष्टिक भोजन की कमी, शारीरिक परिश्रम की…

Pneumonia Treatment In Homeopathy – निमोनिया का इलाज़

इस रोग में फेफड़ों में प्रदाह और सूजन आ जाती है। साथ ही, तेज बुखार, खाँसी, सीने में दर्द, साँस लेने में कष्ट होना, नाड़ी अनियमित, आँखों का सूज जाना, सिर-दर्द, पेशाब लाल रंग का होना आदि लक्षण प्रकट होते हैं । यह रोग मुख्यतः ठण्ड लग जाने,…

Pleurisy Treatment In Homeopathy

इस रांग मं फुफ्फुसावरण में जल का सचय हो जाता है और इसक दानां परदे कठोर होकर एक-दूसरे से सट जाते हैं जिससे फेफड़े पर तनाव हो जाता है। इसमें फेफड़ों में सुई चुभने की तरह का दर्द महसूस होता है, खाँसी उठती है, साँस लेने में परेशानी होती है,…

Tuberculosis Treatment Homeopathy – तपेदिक का इलाज़

यह रोग मुख्यतः पौष्टिक भोजन की कमी और धूल धुएँ भरे वातावरण में रहने से होता है । यही कारण है कि इस रोग से अधिकांशतः मजदूर वर्ग के लोग ही ग्रसित होते हैं । इसके अलावा- ताजी हवा-धूप न मिलने, मीठा ज्यादा खाने, नशा अधिक करने, अत्यधिक खाने आदि…

Students Mental Treatment In Homeopathy

याददाश्त का कमजोर होना- एनाकार्डियम 200, 1M- किसी बात का स्मरण न रहना, विद्यार्थी को पढ़ी हुई बातें याद न रहना या उसे भूल जाना याददाश्त की कमजोरी की सूचक है । रोगी को प्रत्येक बातें बीती घटनायें सी लगती हैं । भूली-भूली बातें याद-सी रहती हैं…

Jaundice Treatment In Homeopathy – पीलिया

इस रोग में रोगी का पूरा शरीर पीला पड़ जाता है अर्थात् उसकी त्वचा का रंग, आँखें आदि सभी पीले हो जाते हैं । साथ ही हल्का ज्वर, सुस्ती, भूख न लगना, मुँह का कड़वापन, कमजोरी, अनिद्रा आदि लक्षण भी रहते हैं । यह रोग मुख्यतः यकृत की खराबी के कारण…

Vomiting Treatment In Homeopathy – उल्टी होना

उल्टियाँ होने का कारण पहले मालूम कर लेना चाहिये । यदि उल्टियाँ उल्टा-सीधा खाने की वजह से हुई हैं या दूषित जल आदि के उपयोग से हुई हैं या हैजे के कारण हुई हैं तो मरीज को उबला पानी पिलायें व सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान दें । किसी भी प्रकार की…

Worms Treatment Homeopathy – पेट में कीड़े

पेट में कीड़े- अधिक मीठा खाने, तले पदार्थ ज्यादा खाने, गरिष्ठ पदार्थ ज्यादा खाने, मिट्टी-खड़िया आदि खाने, बेमौसम के फल नियमित रूप से खाने, पुरानी कब्ज आदि के कारण उत्पन्न हो जाते हैं । कीड़े कई अलगअलग प्रकार के हो सकते हैं । पेट में कीड़े…

Acidity Treatment In Homeopathy

इस रोग में रोगी को बार-बार खट्टी डकारें आती हैं और उसके मुंह में खट्टा पानी आ जाता है, मुँह का स्वाद कड़वा रहता है, छाती में जलन होती है, कब्ज या अतिसार रहता है और आलस्य घेरे रहता है। यह रोग मुख्य रूप से तले पदार्थ ज्यादा खाने, मीठा ज्यादा…

Flatulence Treatment In Homeopathy – अफारा

जब पेट में वायु एकत्रित होकर विकृत होने लगती है तो इसे अफारा कहा जाता है । इस गैस से विविध कष्ट जैसे- पेट-दर्द, पेट फूलना, बारबार डकार आना, सिर-दर्द, चक्कर आना, बेचैनी, खाने से अरुचि आदि पदार्थ ज्यादा खाने, पानी कम पीने, पुरानी कब्ज,…

High Blood Pressure Treatment In Homeopathy

इस रोग में शरीर में रक्त का दबाव अस्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। इस रोग में सिर-दर्द, चक्कर आना, आलस्य, अनिद्रा, हृदय-शूल आदि लक्षण प्रकटते हैं । यह रोग मुख्यतः अधिक मानसिक श्रम, चिंता, उदररोग, नशा करना, मधुमेह, मोटापा, अधिक भोग आदि कारणों…

Get Fair Skin In Homeopathy

आर्सेनिक एल्ब 3, 6- डॉ० शंकरन के अनुसार जबकि त्वचा के काले पड़ने का कोई स्पष्ट कारण समझ में नहीं आये तो यह दवा देने से त्वचा का रंग ठीक हो जाता है । लैकेसिस 1M- त्वचा पर काले-काले दाग हों जो बॉयी तरफ से बैंगनी रंग के साथ प्रारम्भ हों तो इस…

Debility Treatment In Homeopathy – दुबलापन

दुबलापन रोग न होते हुए भी रोग की भाँति ही है क्योंकि दुबला व्यक्ति समाज में न केवल उपहास का पात्र बनता है बल्कि समय-समय पर भिन्नभिन्न कष्टों से घिरा रहता है। यहाँ पर इसी स्थिति का उपचार प्रस्तुत है। अल्फाल्फा Q- इस दवा का नियमित सेवन करने…

Asthma Treatment In Homeopathy – दमा

यह रोग मुख्यतः पौष्टिक भोजन का अभाव, शारीरिक परिश्रम बहुत ज्यादा करने, धूल-धुंये भरे वातावरण में रहने, सीलन एवं दुर्गन्ध भरे वातावरण में रहने, उपदंश आदि के कारण हो जाता है । इस रोग में जरा-से श्रम से ही रोगी का दम फूल जाता हैं और उसे खाँसी…

Bronchitis Treatment In Homeopathy

श्वासनली और वायु-नली, जो फेफड़ों को जाती हैं, के प्रदाह का नाम ही ब्रोंकाइटिस है । इसमें इन नलियों के चारों ओर कफ जकड़कर बैठ जाता है। पहले सूखी खाँसी आती है जो बाद में तर हो जाती है जिसके साथ पीला कफ आता है । जीभ पर मैल की परत जम जाती है,…

Croup Treatment In Homeopathy – क्रूप खाँसी

इसे घुण्डी-खाँसी भी कहा जाता है। यह भी अधिकांशतः बच्चों को ही होती है। इसमें श्वासनली और स्वरयंत्र के मध्य में एक पर्दा (झिल्ली जैसा) उत्पन्न हो जाता है । इससे गले में सॉय-सॉय की आवाज होती है, सॉस लेने में कष्ट होता है, आवाज भारी हो जाती…

Whooping Cough Treatment – काली खाँसी

इसे कुकर खाँसी, कुत्ता खाँसी और हूप खाँसी भी कहा जाता है। यह खाँसी अधिकांशत: छोटे बच्चों को ही होती है । इस रोग में धीमी खाँसी से शुरु होकर कई दिन बाद खाँसी बहुत बढ़ जाती है और फिर खाँसी दौरे के रूप में उठने लगती है । फिर खाँसी का आक्षेप-सा…
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