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Human Body

पीयूष ( पिट्यूटरी ) ग्रन्थि क्या है और इसके कार्य

यह ग्रन्थि मस्तिष्क में होती है। इसका आकार अण्डे के समान होता है। यह कपाल की जतूकास्थि (Sphenoid Bone) के खात में रहती है । इसके दो भाग होते हैं (Anterior Lobe) और एक पिछला…

थायराइड ग्रंथि क्या है और थायराइड ग्रंथि के कार्य

थायराइड ग्रन्थि की बनावट (Structure of Thyroid Gland) यह स्वर यन्त्र के सामने रहती है। इसकी वृद्धि को 'घेंघा' (Goitre) कहा जाता है । इसकी आकृति चूल्हे जैसी होने के कारण ही इसको…

प्लीहा ( तिल्ली ) क्या है उसकी संरचना और कार्य

प्लीहा को अंग्रेजी में स्पलीन (Spleen) कहा जाता है। अँग्रेजी में प्लीहा का स्वभाव के साथ सम्बन्ध जोड़ा गया है। (Splenic Temper) का अर्थ होता है 'चिड़चिड़े स्वभाव वाला व्यक्ति' इसी…

ग्रन्थि क्या है और ग्रंथि के प्रकार

ग्रन्थि (Glands) - किसी भी रस बनाने वाले यन्त्र को 'ग्रन्थि' गाँठ अर्थात् Glands कहते हैं । हमारे शरीर में 24,00,000 ग्रन्थियाँ पाई जाती हैं । (1) प्रणाली सहित ग्रंथियां Glands…

जीभ की रचना और कार्य

रसनेन्द्रिय 'जीभ' का ही पर्यायवायी है अर्थात् जीभ अथवा रसनेन्द्रिय सभी एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। जीभ अधिकतर मांस और माँसपेशियों से बनी होती है। सारी जीभ पर श्लैष्मिक कला चढ़ी…

मानव नाक की संरचना और उसके कार्य

नाक की बनावट (Structure of the Nose) जिस ज्ञानेन्द्रिय द्वारा हमें गन्ध का ज्ञान होता है उसे 'घ्राणेन्द्रिय' (नासिका या नाक) कहते हैं । नाक के दो भाग होते हैं - (1) बाहरी (…

कान की रचना, भाग और कार्य

जिस इन्द्रिय से हम सुनते हैं उसे कान अथवा श्रवणेन्द्रिय (Ear) कहते हैं। आँख की तरह यह भी दो होते हैं और खोपड़ी की जड़ों में दाँये और बाँये लगे रहते हैं । कान के निम्नलिखित तीन भाग…

मानव नेत्र संरचना और कार्य

आँख की बनावट हमारी ज्ञानेन्द्रियों में आँख (Eye) सबसे कोमल और अति महत्वपूर्ण अंग हैं । जैसा कि सर्वविदित है कि हमारे (मानव) के शरीर में दो आँखें (एक दाँयी ओर तथा एक बाँयी ओर) होती…

सुषुम्ना की संरचना और कार्य [ Structure of Spinal Cord In Hindi ]

जहाँ पर लघु मस्तिष्क (Cerebellum) समाप्त होता है, वहीं से सुषुम्ना (Spinal Cord) शुरू हो जाती है । यह वास्तव में मस्तिष्क की ही एक शाखा है । यह वात नाड़ी संस्थान का वह भाग है जो…

मस्तिष्क के कार्य

वृहद मस्तिष्क के कार्य वृहद मस्तिष्क के अनन्त कार्य हैं । अनेक वैज्ञानिक उसके महत्त्वपूर्ण कार्यों को मालूम करने के लिए आज भी निरन्तर प्रयासरत हैं और दिन-रात इस कार्य में लगे हुए…

मस्तिष्क की संरचना, अग्र मस्तिष्क – मानव मस्तिष्क जानकारी

जैसा कि आरम्भ में (पूर्व में) बताया जा चुका है कि हमारे सिर की खोपड़ी मजबूत अस्थियों से बनी है । मस्तिष्क ही मन, बुद्धि और शरीर की चेतना का मुख्य आधार है। मोटे तौर पर आठ हड्डियों…

वात नाड़ी संस्थान [ The Nervous System In Hindi ]

वात नाड़ी संस्थान का महत्त्व (Importance of the Nervous System) वात संस्थान या वात नाड़ी संस्थान अथवा नाड़ी मण्डल आदि नामों से जिस (शरीर के) संस्थान का वर्णन मिलता है वह एक जटिल…

त्वचा की संरचना और कार्य

त्वचा की संरचना अन्तस्त्वक में स्पर्श को ग्रहण करने वाली कुछ पतली और कुछ मोटी सूक्ष्मग्राही अंकुरिकायें होती हैं । इनके मूल भाग में नाड़ी की शाखायें घुसी हुई रहती हैं जिनसे स्पर्श…

त्वचा क्या है? – त्वचा के प्रकार

त्वचा की बनावट ( Structure of Skin ) त्वचा शरीर की खाल को कहते हैं। इसे चर्म, त्वचा, जिल्द आदि नामों के अतिरिक्त अंग्रेजी में स्किन के नाम से भी जाना जाता है । चर्म समस्त शरीर की…

मूत्र प्रणाली – मूत्राशय प्रबंधन [ Ureters In Hindi ]

जैसा कि हमने ऊपर बतलाया है कि हमारे शरीर में दो मूत्र प्रणालियाँ होती हैं, एक दाहिनी ओर, दूसरी बाँयी ओर । इसकी लम्बाई 10 से 12 इंच तक होती है। इसके दो सिरे होते हैं। ऊपर का चौड़ा…

किडनी की संरचना और किडनी का कार्य

Urinary System के अन्तर्गत दो वृक्क (Kidney), दो मूत्र प्रणालियाँ (Ureters), मूत्राशय (Bladder) आदि अंग सम्मिलित हैं किन्तु त्यागन संस्थान के अन्तर्गत त्वचा, नख और केश (बाल)…

फेफड़े की रचना [ Structure Of The Lungs In Hindi ]

हमारी (मानव) की छाती में दो फुफ्फुस अर्थात् फेंफड़े होते हैं:- (1) दाँया तथा (2) बाँया। दाँया फेंफड़ा बाँये फेंफड़े से एक इंच छोटा (पर कुछ अधिक चौड़ा) होता है। दाँये फेंफड़े…

फेफड़ा क्या है और फेफड़े का कार्य

श्वास लेने और श्वास फेंकने की क्रिया को रेस्पिरेशन (Respiration) कहा जाता है। वायु को अन्दर लेने की क्रिया को (Inspiration) और वायु बाहर फेंकने की क्रिया को एक्सपीरेशन कहते हैं।…

लसीका ग्रंथियों के कार्य

लसीका-वाहिनियों के कार्य जब रक्त केशिकाओं के पास पहुँचता है तब उसका कुछ तरल भाग दीवारों से रिस-रिसकर बाहर आता है। यह रिसकर बाहर आने वाला तरल पदार्थ जैसा कि हम जानते हैं कि 'लसीका'…

लसीका ग्रंथियां – लसीका तंत्र [ Lymphatic System In Hindi ]

इस संस्थान के अन्तर्गत लसीका (Lymphatic Glands) और लसीका वाहिनियाँ (Lymphatic Vessels) आदि की गणना की जाती है। यह रक्तवाही संस्थान के निकट सम्बन्ध रखने वाला संस्थान है। इसमें…
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