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हरा धनिया के फायदे – Hara Dhaniya Ke Fayde In Hindi

परिचय : 1. इसे धान्यक (संस्कृत), धनिया (हिन्दी), धने (बंगला), धणे (मराठी), धाणा (गुजराती), कातामल्लि (तमिल), दान्लु (तेलुगु), तथा कोरिएण्ड्रम सेटाइवम् (लैटिन) कहते हैं। 2.…

दारूहल्दी के फायदे और गुण

परिचय : 1. इसे दारुहरिद्रा (संस्कृत), दारुहल्दी (हिन्दी), दारुहरिद्रा (बंगला), दारुहलुद (मराठी), दारुहलदर (गुजराती), मरमंजल (तमिल), कस्तुरीपुष्प (तेलुगु), तथा बर्नेरिस एरिस्टेटा…

जायफल के फायदे – jaiphal ke gun

परिचय : 1. इसे जातीफल (संस्कृत), जायफल (हिन्दी), जायफल (बंगला), जायफल (मराठी), जायफल (गुजराती), जाथिकेई (तमिल), जाजिक्ये (तेलुगु), जौजुबुवा (अरबी) तथा मिरिस्टिका फ्रैंगरेन्स…

चित्रक के फायदे और गुण

परिचय : 1. इसे चित्रक (संस्कृत), चीता (हिन्दी), चिता (बंगला), चित्रमूल (मराठी), चित्रो (गुजराती), चित्तितर (तमिल), तेलचित्र (तेलुगु), शीतरज (अरबी) तथा प्लम्बेगो जेलेनिका ( Plumbogo…

कुटज के फायदे – इन्द्रजौ के फायदे

परिचय : 1. इसे कुटज (संस्कृत), कूड़ा या कुरैया (हिन्दी), कुरजी (बंगला), कुड़ा (मराठी), कुड़ी (गुजराती), वेप्पलाई (तमिल), कछोडाइस (तेलुगु) तथा मोलेरीना एण्टी डिसेण्टीरिका (लैटिन)…

कुटकी के फायदे और नुकसान

परिचय : 1. इसे तिक्त (संस्कृत), कुटकी (हिन्दी), कटकी (बंगला), काली कुटकी (मराठी), कडू (गुजराती), कडुगुरोहिणी (तमिल), कटुकी (तेलुगु), खरबके हिन्दी (अरबी) तथा पिक्रोराईजाकुरो (लैटिन)…

कबीला के फायदे

परिचय : 1. इसे कम्पिल्लक (संस्कृत), कबीला (हिन्दी), कंकलागुण्डी (बंगला), कपिला (मराठी), कपीली (गुजराती), कपिलोपेदि (तमिल), सुन्दर शुण्डी (तेलुगु), कम्बील (अरबी) तथा मेलोटेस…

इन्द्रायण के फायदे

परिचय : 1. इसे इन्द्रवारुणी (संस्कृत), इन्द्रायण, इनास (हिन्दी), राखालसा (बंगला), इन्द्रवण (मराठी), इन्द्रवणा (गुजराती), पेतिकारि (तमिल), पापरबुडम् (तेलुगु), हंजल (अरबी) तथा…

आक (मदार) के फायदे – Aak ke fayde in hindi

परिचय : 1. इसे अर्क (संस्कृत), आक, मदार (हिन्दी), आकन्द (बंगला), रूई (मराठी), आकडो (गुजराती), एराखाम (तमिल), मन्दारासु (तेलुगु), उषर (अरबी) तथा कैलोट्रोपिस प्रोसेरा (लैटिन) कहते…

अपामार्ग ( चिचड़ा ) के फायदे – अपामार्ग के प्रयोग

परिचय : 1. इसे अपामार्ग (संस्कृत), चिचड़ा (हिन्दी), आपाड़ (बंगला), आघाडा (मराठी), अधेड़ो (गुजराती), नाजुरिवी (तमिल), अपामार्गम् (तेलुगु), अल्कुम (अरबी) तथा एकायरेन्थस एस्पेरा…

सोंठ के फायदे – सोंठ के औषधीय गुण

परिचय : 1. इसे आद्रक (संस्कृत), अदरख-आदी (हिन्दी), आदा (बंगला), आल (मराठी), आन्दू (गुजराती), इंजि (तमिल) तथा अल्लम (तेलुगु) कहते हैं। इसके सूखे कंद को 'शुण्ठी' या 'सोंठ' कहते हैं।…

सरफोंका ( शरपुंखा ) के फायदे – sharpunkha plant in hindi

परिचय : 1. इसे शरपुंखा (संस्कृत), सरफोंका (हिन्दी), बनतील (बंगला), उन्हाली (मराठी), शरपंखी (गुजराती), कमुविकवेलाई (तमिल), वेंपलि (तेलुगु) तथा टेफ्रीजिया पप्युरिया (लैटिन) कहते हैं।…

अर्जुन की छाल के फायदे – Arjun ki chaal ke fayde in hindi

परिचय : 1. इसे अर्जुन (संस्कृत), अर्जुनकाहू (हिन्दी), अर्जुन गाछ (बंगाला), अर्जुन सादडा (मराठी), अर्जुन (गुजराती), मरुतै (तमिल), तेल्लमद्दि (तेलुगु) तथा टर्मिनेलिया अर्जुना (लैटिन)…

अडूसा ( वासा ) के फायदे – अडूसा के औषधीय गुण

अडूसा ( वासा ) का परिचय : इसे वासा (संस्कृत), अडूसा (हिन्दी), बाकस (बंगला), अडुळसा (मराठी), अरडुसा (गुजराती), एघाडोड (तमिल), आदासरा 2. अडूसा का पौधा 4-10 फुट तक ऊँचा होता है।…

बहेड़ा के फायदे – Bahera Ke Fayde

बहेड़ा का परिचय : 1. इसे विभीतक (संस्कृत), बहेड़ा (हिन्दी), बयड़ा (बंगला), बहेड़ा (मराठी), बहेड़ा (गुजराती), अक्कल (तमिल), ताड़ि (तेलुगु), बलोलज (अरबी) तथा टामेनेलिया बेलेरिका…

बनफशा के फायदे – खाँसी में बनफशा का बहुत फायदेमंद

बनफशा का परिचय : 1. इसे वनपुष्पा (संस्कृत), बनफशा (हिन्दी), बनोशा (बंगला), बयिलेट्टू (तमिल), बनफसज (अरबी) तथा वायोला आडोरेटा (लैटिन) कहते हैं। 2. बनफशा का पौधा छोटा, लगभग 4-5…

पीपल के पत्ते के फायदे – पीपल का महत्व

पीपल का परिचय : 1. इसे पिप्पली (संस्कृत), पीपल (हिन्दी), पिपुल (बंगला), पिंपली (मराठी), पीपल (गुजराती), टिपिल (तमिल), पिपुल (तेलुगु), दारफिलफिल (अरबी) तथा पाइपर लौंगम (लैटिन) कहते…

बिस्तर में पेशाब करने का घरेलू इलाज

कुछ बच्चे रात को प्राय: बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। यह रोग स्नायु की दुर्बलता तथा बदहजमी से होता है, जिस कारण वे सोते समय अचेतन अवस्था में मूत्र का वेग नहीं रोक पाते। कभी-कभी ठंड…

मुँहासे हटाने के उपाय – kil muhase ka gharelu ilaj

चेहरे पर उभरने वाले मुंहासे एवं झाइयों का प्रमुख कारण है - वसा का अधिक प्रयोग, मल-मूत्र को रोकना, अधिक व्यायाम करना, धूप में अधिक समय तक घूमना आदि। ऐसे में चेहरे पर मुंहासे या…

पेशाब में परेशानी के घरेलू नुस्खे – Mutra Rog In Hindi

पेशाब में जलन होने पर असहनीय दर्द होता है। रोगी बार-बार पेशाब करने जाता है। इस रोग के प्रमुख कारण हैं - प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, मूत्रमार्ग तंग होना, वात रोग, पक्षाघात, मसाने…
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