Lungs Disease, Breathing Difficulties And Homeopathy In Hindi

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श्वसन तंत्र हमारे शरीर का बहुत मुख्य अंग है। इसी से हम ऑक्सीजन शरीर के अंदर लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालते हैं। आजकल प्रदूषण और खान-पान में अशुद्धि के कारण बहुत सारी श्वसन तंत्र की बीमारियाँ होने लगी है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, सांस लेने में मुश्किल जैसे रोग बच्चों और बड़ों दोनों को ज्यादा हो रही है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या होम्योपैथी इन सभी बीमारियों का जड़ से इलाज कर सकता है ? तो जी हाँ होम्योपैथी दवा श्वसन तंत्र में बहुत अच्छा असर करती है और रोग को जड़ से ठीक करती है। इस पोस्ट में हम कुछ होम्योपैथी मेडिसिन के बारे में जानेंगे जोकि श्वसन तंत्र सिस्टम पर अच्छा काम करता है।

बड़े शहरों में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, ऐसे में अस्थमा बहुत की आम रोग होता जा रहा है। अस्थमा आजकल हर चौथे आदमी को होने लगा है, धूल, डस्ट, प्रदूषण के कारण एलर्जी की संभावना बढ़ गई है। अस्थमा में होम्योपैथी मेडिसिन बहुत अच्छा काम करता है। एलोपैथी में अस्थमा का इलाज नहीं है, उसमे सिर्फ आराम मिल सकता है परन्तु होमियोपैथी से अस्थमा जड़ से ठीक हो जाता है। किसी भी तरह का एलर्जिक कफ, एलर्जिक खांसी, ब्रोंकाइटिस, एलर्जिक साइनोसाइटिस, सर्द गर्म वाले कफ में होम्योपैथिक मेडिसिन अच्छा काम करता है। कफ जम जाता हो निकल नहीं पा रहा हो तो इपिकाक 30, अगर सूखी खांसी हो तो ब्रायोनिया 30, काली बाइक्रोमिकम 30, हायोसाएमस 30 अच्छा काम करता है।

किसी भी तरह का खांसी हो चाहे हो बलगम वाली हो या सूखी खांसी जस्टिसिया अधाटोडा Q के सेवन से आराम आ जाता है। होमियोपैथी मेडिसिन खास कर खांसी में बहुत अच्छा असर करता है। होमियोपैथी में कफ सिरप भी आती है जैसे Wheezal Mixture (Cough Syrup) और alfa cough syrup, ये दोनों कफ सिरप बहुत अच्छे हैं घर पर जरूर रखें। बच्चो, बड़ों किसी को भी खांसी होने पर इसका सेवन जरूर कराएं। अगर आप बहुत ज्यादा स्मोक करते हैं और उसके कारण खांसी होती रहती है, कफ बार-बार आता है तो जस्टिसिया अधाटोडा 30 की दो बून्द दिन में 3 बार लें। अगर चलने से सांस लेने में दिक्कत होती है, सांस जैसे रुक सा जाता है तो एस्पिडोस्पर्मा 30 की दो बून्द दिन में 3 बार सेवन करें।

SBL Biocombination No 6 भी कफ, ब्रोंकाइटिस में अच्छा काम करता है। अगर कफ बहुत भरा हुआ है तो एन्टिमोनियम टार्ट, पल्सेटिला बहुत अच्छी दवा है। अगर पोटेंसी समझ में आए तो यह ध्यान रखें कि श्वसन तंत्र में 6 CH पोटेंसी सबसे अच्छा असर करता है। बच्चों को अगर बार-बार निमोनिया हो जाता है तो फेरम फॉस 6x दे सकते हैं।

श्वसन तंत्र ( respiratory system ) से जुडी बीमारियां होमियोपैथी दवा से बहुत जल्दी ठीक होती है और बार-बार होने की समस्या भी ठीक हो जाती है।

नजला, जुकाम, छीकें, एलर्जी इन सबमे होमियोपैथी रामबाण की तरह इस्तेमाल होती है। कभी एलर्जी हो तो एक बार होमियोपैथी का सेवन करने जरूर देखें।

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