सिजिजियम जम्बोलिनम [ मधुमेह की जमुनी दवा ] – Syzygium Jambolanum In Hindi

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इस पोस्ट में हम सिजिजियम जम्बोलिनम जोकि जामुन से बनती है, के लाभ के बारे में जानेंगे।

सिजिजियम जम्बोलिनम प्लांट किंगडम से बनी हुई मेडिसिन है। इस मेडिसिन को जामुन के गुठली से बनाई जाती है। यह मेडिसिन हमारे शरीर में पैंक्रिएटिक सेल पे असर करती है और इन्सुलिन को बढ़ाने में मदद करती है।

यह चीनी मिले बहुमूत्र की प्रधान दवा है। डॉ बोरिक का कथन है – “No other remedy causes in so marked degree the diminution and disappearance of sugar in the urine, अर्थात पेशाब से चीनी का परिमाण घटने या दूर करने वाली इसके जोड़ की प्रायः कोई दूसरी दवा नहीं दिखाई देती”। तेज प्यास, कमजोरी, दुबलापन, बहुत ज्यादा मात्रा में और बार-बार पेशाब होना, पेशाब का आपेक्षिक गुरुत्व बढ़ जाना, बहुमूत्र के कारण शरीर में घाव, आदि लक्षण भी इस औषधि के अंतर्गत है। पेशाब में चीनी का भाग अधिक हो और रोगी बहुत कमजोर हो जाए तो – इसका मूल अर्क की 10 बून्द को आधे कप पानी में डाल कर रोज 3 बार, कम से कम 2-3 महीने तक सेवन कराना पड़ेगा, नहीं तो आशानुरूप लाभ नहीं होगा।

सिजिजियम जम्बोलिनम के लक्षण

  • पूरे शरीर में सुई गड़ने जैसा महसूस होता है।
  • शरीर के ऊपर के भाग में जलन महसूस होता है।
  • इस दवा के रोगी के चेहरे पे छोटे-छोटे लाल रंग के पिंपल्स होते हैं जोकि बहुत जलन करते हैं।
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना, हर 10 से 15 मिनट में प्यास लग जाती है।
  • बहुत कमजोरी महसूस होती है।
  • दुबला होते जाना, इसमें दिन पे दिन वजन घटते जाता है।
  • बहुत ज्यादा पेशाब लगना और पेशाब की मात्रा भी ज्यादा होना।
  • बार-बार भूख लगना।
  • अगर स्किन में छाले पड़े हुए हैं जोकि बहुत पुराने हैं तो ये भी सिजिजियम जम्बोलिनम के लक्षण हैं।
  • अगर मधुमेह के कारण अच्छे से दिखाई न दे तो ये भी सिजिजियम जम्बोलिनम के लक्षण हैं।

अगर कोई भी लक्षण मिलते हैं तो आप सिजिजियम जम्बोलिनम मदर टिंक्चर की 20 बून्द आधे कप पानी में डालकर दिन में तीन बार खाना खाने के आधा घण्टा पहले लिया करें। अगर आपको महुमेह है तो इसे आप किसी भी होम्योपैथिक स्टोर से प्राप्त कर उपयोग में ला सकते हैं। मधुमेह को जड़ से खत्म करने के लिए कम से कम 6 महीने तक जरूर लें।

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