Ganne Ke Fayde In Hindi – गन्ने का रस का फायदा

737

गन्ना मधुरता और समृद्धि की फसल है अर्थात् जो मन, कर्म और वचन में मधुरता लाता है, लक्ष्मी उसका वरण करती है।

इसे ईख, साँठा भी कहते हैं। गन्ने के रस में नीबू, अदरक और अल्प मात्रा में बर्फ मिलाकर भूखे पेट पीने से अधिक लाभदायक है। रस तुरन्त निकाला तथा सफाई से तैयार किया हुआ होना चाहिए। ज्यादा देर रखा हुआ रस खराब हो जाता है।

नीरोग – नित्य गन्ने का रस पीने और चूसते रहने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। गन्ने और नीबू का रस मिलाकर पीने से एलर्जी के रोगियों को लाभ होता है, वृद्ध लोगों में स्फूर्ति का संचार होता है।

गन्ने का रस शीतल एवं शक्तिवर्धक होने के साथ-साथ थकावट को दूर करता है। ग्रीष्म ऋतु में गन्ने का रस पीने से शारीरिक उष्णता नष्ट होती है और तीव्र प्यास शांत होती है। शरीर में स्फूर्ति विकसित होती है। गन्ने के रस के सेवन से पित्त विकार नष्ट होते हैं। गन्ने का रस स्नायुओं की क्षीणता को नष्ट करता है। अम्ल-पित्त में गन्ने के रस का सेवन करने से बहुत लाभ होता है। गन्ने के रस के सेवन से पाचन-शक्ति तीव्र होती है। गन्ने में विद्यमान लौह तत्व रक्ताल्पता में शरीर को बहुत लाभ पहुँचाता हैं। मूत्र के अवरोध में भी गन्ने का रस बहुत लाभ पहुँचाता है।

कूकर खाँसी – कच्ची मूली का रस एक छटांक (62 ग्राम) एक गिलास गन्ने के रस में मिलाकर दिन में दो बार पीने से लाभ होता है।

सूखी खाँसी – एक गिलास गन्ने का रस नित्य दो बार पीने से सूखी खाँसी में लाभ होता है। छाती की घबराहट जाती रहती है।

रक्तातिसार – एक कप गन्ने के रस में आधा कप अनार का रस मिलाकर सुबह-शाम पीने से रक्तातिसार मिटता है।

मासिक धर्म खुलकर न आना – मासिक धर्म के दिनों में पाँच चम्मच गन्ने का सिरका सोने से पूर्व लें। मासिक धर्म सही हो जाता है।

पथरी – गन्ना चूसते रहने से पथरी टुकड़े-टुकड़े होकर निकल जाती है। गन्ने का रस भी लाभदायक है।

मन्द ज्वर में गन्ने का रस एक गिलास नित्य दो बार पीना लाभदायक है।

रक्तविकार – खाने के बाद एक गिलास गन्ने का रस पीने से रक्त साफ होता है। गन्ना नेत्रों के लिए हितकर है।

पित्त को उल्टी – पित्त की उल्टी होने पर एक गिलास गन्ने के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से लाभ होता है।

हिचकी – गन्ने का रस पीने से हिचकी बन्द हो जाती है।

पीलिया – जौ का सत्तू खाकर ऊपर से गन्ने का रस पियें। एक सप्ताह में पीलिया ठीक हो जायेगा। प्रात: गन्ना चूसें। गन्ने का रस पीने से यकृत के रोगों में भी लाभ होता है।

शक्तिवर्धक – गन्ना भोजन पचाता है, कब्ज़ दूर करता है, शक्तिदाता है। शरीर मोटा करता है। पेट को गर्मी, हृदय की जलन को दूर करता है।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Open chat
पुराने रोग के इलाज के लिए संपर्क करें