दुर्बलता, शरीर की कमजोरी का एलोपैथिक मेडिसिन

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इस पोस्ट में शारीरिक और मानसिक कमजोरी, दुर्बलता, भूख की कमी के लिया एलोपैथिक दवा की जानकारी दी जा रही है।

बायर्स टॉनिक (Bayer’s Tonic) (निर्माता : बायर) – यह लीवर फ्रैक्शन 2 (जो 300 मि.ली. ताजी यकृत से निकाली जाती है 1) सोडियम एसिडफास, यीस्ट धन सत्त्व से निर्मित मिश्रण है, जो सीरप के रूप में मिलता है। भूख की कमी, शारीरिक दुर्बलता, पुराने एवं जटिल रोगों के कारण शरीर एवं मस्तिष्क की कमजोरी में लाभप्रद है । वयस्कों को 15 मि.ली. तथा बच्चों को 5 से 10 मि.ली. दिन में 3 बार पिलायें।

बेकोफ्राल (Becofral) (निर्माता : डूफार) – यह विटमिन B1, B2, कैल्शियम पैण्टोथेनेट, निकोटिनोमाइड, B6, B12, मेथिओनीन, यीस्ट और फोलिक एसिड का मिश्रण है। यह टिकिया तथा एलिक्जिर के रूप में उपलब्ध है। यह विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी से होने वाले रोगों और शारीरिक एवं मानसिक दुर्बलता में लाभप्रद है । 3 से 6 टिकिया प्रतिदिन अथवा एलिक्जिर 10 मि.ली. भोजनोपरान्त दिन में 2-3 बार पिलायें ।

बेलामिल (BelamyI) (निर्माता : साराभाई) – यह क्रूड लीवर एक्सट्रेक्ट (जिसकी क्रिया विटामिन बी-12 के समतुल्य है।) बी-12, क्रिस्टेलिन, बी-1, बी-2 और नियासिना माइड का मिश्रण है । यह माँस में लगाने के लिए इन्जेक्शन के रूप में भी उपलब्ध है । यह विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी, बेरी-बेरी रोग, पैलाग्रा, पोषक तत्वों की कमी से मेक्रोसाइटिक रक्ताल्पता, स्पू, पर्निशियस रक्ताल्पता, शारीरिक दुर्बलता, राइबोफ्लेबिन की कमी में लाभकारी है। रोगी की आयु एवं उसकी दशा के अनुसार आधी से 1 मि.ली. का गहरे माँस में प्रतिदिन अथवा प्रत्येक तीसरे दिन इन्जेक्शन लगायें।

नोट – जिन रोगियों में इस दवा के मूल द्रव्यों के प्रति अति संग्राहिता (एलर्जी) है, वो इसका प्रयोग कदापि न करें ।

बीप्लेक्स (Beplex) (निर्माता : ए. एफ. डी.) – विटामिन B1, D पैन्थेनाल, B2, B6, निकोटिनिक एसिड, नियासिनामाइड, ग्लूकोज, साइट्रिक एसिड का इस दवा में मिश्रण है । यह एलिक्जिर, टिकियों और इन्जेक्शन के रूप में प्राप्य है । यह बी कॉम्प्लेक्स की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग, कष्ट और शारीरिक दुर्बलता में गुणकारी है। शीघ्र लाभ हेतु इसका 10 मि.ली. की वायल में मांस में लगाने के लिए इन्जेक्शन आता है।

एलिक्जिर 10 मि.ली. दिन में दो बार पिलायें अथवा आवश्यकतानुसार 1 से 2 टिकिया दिन में 2-3 बार खिलायें । तीव्रावस्था में 1 से 2 मि.ली. की मात्रा में मांस में प्रतिदिन इन्जेक्शन लगायें ।

नोट – विटामिन बी-1 के एलर्जिक रोगियों में इसका प्रयोग कदापि न करें ।

कैडिमाल्ट (Cadimalt) (निर्माता : कैडिला) – विटामिन A, D2, B1, रिबोफ्लेबिन, नियासिनामाइड, कैल्शियम ग्लाइसरो फॉस्फेट, फेरस ग्लुकोनेट, माल्ट एक्सट्रैक्ट । यह लिक्विड के रूप में उपलब्ध है। दूषित पोषक आहार में विभिन्न पोषक तत्वों की कमी से उत्पन्न रोग, कष्ट एवं दुर्बलता, शारीरिक क्षीणता आदि को दूर करके पर्याप्त शक्ति एवं स्फूर्ति प्रदान करने वाली औषधि है । यह एक उत्तम टॉनिक है । वयस्कों को 15 मि.ली. और बच्चों को 10 मि.ली. दिन में 3 बार पिलायें ।

इयुनोवा (Eunova) (निर्माता : जर्मन रेमेडीज) – इस सीरप में विटामिन B1, B2, B6, B12, D पैन्थेनाल, नियासिनामाइड, सोडियम ग्लाइसरो फास्फेट साल्यूशन, कैल्शियम ग्लाइसरो फॉस्फेट, पोटेशियम ग्लाइसरो फॉस्फेट, ग्लाइसरो फॉस्फेटिक एसिड, कैफीन और डेकस्ट्रोज है। यह भूख की कमी, थकावट, भार में कमी, शारीरिक दुर्बलता एवं मानसिक कमजोरी में गुणकारी है । वयस्कों का 15 मि.ली. दिन में 2 बार पिलायें तथा बच्चों को 5 मि.ली. दिन में 2 बार पिलायें ।

हेमिफास (Hemiphos Syrup) (निर्माता : ज्योफ्रेमैनर्स) – विटामिन B1, B2, B6, B12, D, पैन्थेनाल, निकोटिनामाइड, कैल्शियम ग्लाइसो फास्फेट, पोटेशियम, ग्लाइसरो फास्फेट, सोडियम ग्लाइसरो फास्फेट, फेरस ग्लूकोनेट, मैग्नीज सल्फ, अल्कोहल । यह सीरप के रूप में दुर्बल वयस्कों को तथा बच्चों के पीने के लिए आता है। यह दवा विटमिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग, कष्ट एवं दुर्बलता एवं तान्त्रिक शूल में गुणकारी हैं। इसे 15 मि.ली. भोजन से पहले दिन में दो बार वयस्कों को तथा बच्चों की 5 से 10 मि.ली. दिन में 2-3 बार पिलायें ।

जेरोबिओन (Gerobion) (निर्माता : मर्क) – इस टिकिया में विटामिन A, B1, B2, B6, निकोटिनामाइड, C, D3, रूटिन, कोलीन बाई टारट्रेट, आइनोसिट्राल है । यह दवा शारीरिक एवं मानसिक दुर्बलता में शक्तिवर्द्धक टॉनिक के रूप में प्रयोग की जाती है । 1 से 3 टिकिया दिन में 1 बार सेवन करायें ।

मेटाटोन (Metatone) (निर्माता : पार्क डेविस) – इस तरल औषधि में विटामिन बी-1, सोडियम, पोटाशियम, कैल्शियम और मैग्नीज के ग्लाइसरो फास्फेट्स हैं । इसे शक्तिवर्द्धक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है । वयस्कों को 15 मि.ली. और बच्चों को 5 मि.ली. समभाग जल मिलाकर भोजन से पहले दिन में 1-2 बार पिलायें।

न्यूगैडीन एलिक्जर (Neogadine Elixir) (निर्माता : रप्टोक्स) – इसमें विटामिन A, B1, C, D3, आयोडाइज्ड, पेप्टोन, कैल्शियम फास्फेट, फास्फोरिक एसिड, मैग्नेशियम क्लोराइड और सोडियम मेटाबेनाडेट है। यह सीरप अरुचि, दुर्बलता, मन्दाग्नि, शारीरिक एवं मानसिक कमजोरी में लाभप्रद है । वयस्कों को आवश्यकतानुसार 15 से 30 मि. ली. दिन में 2 बार पिलायें ।

नर्विटोन (Nerviton Elixir) (निर्माता : ऐलेम्बिक) – इसमें विटामिन B1, B2, B6, नियासिनामाइड, डी पैन्थेनाल, बी-12, कैल्शियम, सोडियम, पोटाशियम और मैग्नीज के ग्लाइसरो फास्फेट्स, ग्लाइसरो फास्फोरिक एसिड है । यह मेडिसिन दुर्बलता, स्नायविक कमजोरी, शारीरिक एवं मानसिक कमजोरी, भूख की कमी, पोषक तत्वों की कमी से निर्बलता में गुणकारी है । 10 से 15 मि.ली. तक प्रतिदिन 1 मात्रा के रूप में प्रमुख भोजन से आधा घण्टे पहले सेवन करायें ।

न्यूरोफास्फेट्स (Neurophosphates Syrup) (निर्माता : एस्कायलैब) – इस सीरप में विटामिन B1, B2, B6, B12, निकोटिनामाइड, सोडियम, कैल्शियम, ग्लाइसरो फास्फेट्स, ग्लाइसरो फास्फोरिक एसिड है। यह शारीरिक और मानिसक दुर्बलता, शक्तिक्षीणता, रक्ताल्पता में लाभप्रद है । इसका व्यवहार टॉनिक के रूप में किया जाता है । भोजन से पहले 5 मि.ली. दिन में दो बार पिलायें !

न्यूट्रिफिल (Nutrifil) (निर्माता : बायर) – इस सीरप में विटामिन B1, B2, B6, B12, नियासिनामाइड, डी-पैन्थेनाल, एलिमेण्टल आयरन है। यह तरल शक्ति और ऊर्जावर्द्धक औषधि प्रत्येक प्रकार की दुर्बलता में लाभप्रद है । इसे 15 मि.ली. की मात्रा में भोजन से पहले दिन में 2 बार पिलायें ।

न्यूट्रिप्लान (Nutriplon) (निर्माता : खण्डेलवाल) – इस तरल पेय में विटामिन B1, B2, निकोटिनामाइड, डी-पैन्थेनाल, कैल्शियम, सोडियम, पोटाशियम, ग्लाइसरो कॉपर सल्फेट, मैग्नेशियम क्लोराइड, जिंक सल्फेट, आयरन, कोलीन साइट्रेट है । यह औषधि मल्टी विटामिन और मिनरल्ज की कमी से होने वाले कष्ट एवं दुर्बलता में जनरल टॉनिक के रूप में प्रयोग की जाती है । वयस्कों को 15 मि.ली. भोजन से पहले दिन में 2-3 बार तथा बच्चों को 5 मि.ली. दिन में 3 बार पिलायें ।

आरहेप्टाल (Orheptal) (निर्माता : मर्क) – यह दवा विटामिन बी2, बी6, बी12, लिवर सत्त्व, कैल्शियम पेंटोथेनेट, मैंगनीज़ क्लोराइड, क्यूप्रिक क्लोराइड, क्वीनीन हाइड्रोक्लोराइड, सोडियम ग्लाइसरो फास्फेट, कैफीन और अल्कोहल पदार्थों का मिश्रण है। यह औषधि तरल रूप में उपलब्ध है। यह यकृत की क्रिया में गड़बड़ी, शारीरिक कमजोरी एवं निर्बलता में लाभप्रद है। वयस्कों की 30 मि.ली. दिन में 2 बार अथवा आवश्यकतानुसार कई बार पिलायें ।

बेटोनिन (Betonin) (निर्माता : बूटस) – यह दवा विटामिन बी1, बी2, बी6 निकोटिनामाइड, पैन्थेनाल, बी12 और अल्कोहल पदार्थों का मिश्रण है। यह एलिक्जिर के रूप में उपलब्ध है। यह विटामिन बी कम्पलेक्स की पूर्ति के लिए, भूख न लगना, अरुचि, दुर्बलता और शारीरिक एवं मानसिक निर्बलता में प्रयुक्त होता है । वयस्कों तथा 12 वर्ष से ऊपर की आयु के बच्चों को 10 मि.ली. 5 से 12 वर्ष के बच्चों को 5 मि.ली. तथा 1 से 5 वर्ष के बच्चों को 2.5 मि.ली. दवा दिन में तीन बार दें ।

ओस्सीडास सीरप (Ossidoss Syrup) (निर्माता : वाकहर्डटस) – यह विटामिन A, B1, B2, B6, B12, निकोटिनामाइड, कैल्शियम ग्लूकोनेट, फेरस एमिनोनेट, प्रोटीन, हाइड्रोलायसेट, कोले कालिसफेराल, डी एल-अल्फा टोकोफेरिल एसीटेट का मिश्रण है, यह सामान्य दुर्बलता, आलस्य, भूख की कमी, गर्भावस्था एवं दूध पिलाने की अवस्था, बढ़ोत्तरी में कमी वाले बच्चों की शारीरिक कमजोरी में लाभ्रपद है । यह सीरप बच्चों और बड़ों को मोटा-ताजा और शक्तिशाली बनाता है । वयस्कों को 15 से 30 मि.ली. और बच्चों को 15 मि.ली. प्रतिदिन दो बार पिलायें ।

पेरिएक्टिन (Periactin) (निर्माता : एम. एस. डी.) – इसमें साइप्रो हैप्टाडीन हाइड्रोक्लोराइड है । यह औषधि टिकियों और सीरप के रूप में उपलब्ध है । यह दवा भूख को जगाती है तथा खाये-पिये भोजन को भली-भाँति पचाकर शरीरांश बनाती है। वयस्कों को डेढ़ से तीन टिकिया प्रतिदिन तथा बच्चों को 1 से 2 टिकिया प्रतिदिन कई मात्राओं में बाँटकर खिलायें अथवा वयस्कों को सीरप 5 मि.ली. और बच्चों को 2.5 मि.ली. दिन में दो बार पिलायें ।

परनेक्सिन (Pernexin) (निर्माता : जर्मन रेमेडीज) – इस कैप्सूल में विटामिन B1, B2, B6, D12 पैन्थेनाल,नियासिनामाइड, कैल्शियम ग्लाइसरो फास्फेट, फेरस ग्लुकोनेट, लिवर घनसत्व है। यह दवा कैप्सूल तथा एलिक्जिर के रूप में प्राप्य है। यह दुर्बलता, विटामिन बी कम्पलेक्स और आयरन की कमी से कमजोरी, रक्ताल्पता, और गर्भावस्था में गुणकारी है । 1 कैप्सूल भोजन के बाद दिन में 2 बार खिलायें अथवा एलिक्जिर 5 मि.ली. दिन में तीन बार पिलायें ।

फास्फोमिन (Phosfomin) (निर्माता : साराभाई) – इस लिक्विड में विटामिन B1, B2, B6, B12, नियासिनामाइड, डी-पैन्थेनाल, कैल्शियम मैगनीज, ग्लाइसरो फास्फेट हैं। यह एलिग्जर के रूप में (दो विभिन्न हरे और मटमैले कत्थई रंगों में) प्राप्त है, जिसमें से एक Use for women हैं जिसमें आयरन भी है तथा दूसरा जनरल स्त्री अथवा पुरुष सभी वर्ग के लिए उपयोग के लिए है । यह विटामिन बी कम्पलेक्स की कमी, भूख की कमी, मानसिक एवं शारीरिक दुर्बलता में लाभकारी है। वयस्कों को 15 मि. ली. दिन में दो बार अथवा आवश्यकतानुसार सेवन करायें ।

फास्फोटान सीरप (Phosphoton Syrup) (निर्माता : सिपला) – यह औषध B1, B2, B6, नियासिनामाइड, ग्लूटानिक एसिड, हाइड्रोक्लोराइड, सोडियम ग्लाइसरो फास्फेट, ग्लाइसरो फास्फोरिक एवं एसिड पदार्थों का मिश्रण है। यह सामान्य दुर्बलता, अरुचि, आलस्य एवं शक्तिक्षीणता में लाभकारी है । वयस्कों को 15 मि.ली. दिन में 1-2 बार पिलायें ।

बेविडाक्स (Bevidox) (निर्माता : अब्बोट) – यह विटामिन B1, B6, B12 के मिश्रण से निर्मित टिकियों और तीव्र दशा में प्रयोग हेतु (3 मि.ली. के एम्पूल) इन्जेक्शन के रूप में प्राप्य है । यह नाड़ीशोथ, तन्त्रिका संस्थान के नाड़ी सूत्रों की गड़बड़ी, दर्द, कमर दर्द और रक्ताल्पता में उपयोगी है । एक टिकिया प्रतिदिन खिलायें । तीव्र दशा में इन्जेक्शन तब तक लगाते रहें, जब तक कि कष्ट के लक्षण दूर न हो जायें ।

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2 Comments
  1. सतीश says

    क्या ये सब ऐलोपैथिक दवाईयाँ हैं ?

    1. Dr G.P.Singh says

      Yahan kewal homeopathic dawaye hi batlai jati hai.

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