Azithromycin 500 mg (A 24) टैबलेट के लाभ और नुकसान In Hindi

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A24 – Azithromycin क्या है ?

Azithromycin (A 24) एक एंटीबायोटिक दवा है जिसका उपयोग कई बैक्टीरियल इंफेक्शन के उपचार में किया जाता है, जैसे कि मिडिल इअर इन्फेक्शन, स्ट्रेप थ्रोट, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज, निमोनिया और कई इंटेस्टाइनल इन्फेक्शन। इसका उपयोग कई सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन जैसे कि क्लैमिडिया और गोनोरिया इंफेक्शन में भी किया जाता है। अन्य दवाओं का साथ इसका उपयोग मलेरिया में भी किया जाता है।

Azithromycin कैसे काम करता है ?

Azithromycin एक एंटीबायोटिक है। यह आवश्यक प्रोटीनों के संश्लेषण को बाधित कर जीवाणु के विकास को रोकता है, जिसकी आवश्यकता जीवाणुओं को जरूरी कार्यों को पूरा करने में होती है।

Azithromycin (A 24) का उपयोग किन-किन बीमारियो के इलाज में होता है ?

• साइनस
• निमोनिया
• सुजाक
• ब्रोंकाइटिस
• आंख का संक्रमण
• आंखों का सूजन
• सर्विसाइटिस
• शैंक्रॉइड
• पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज
• यूरेथ्राइटिस
• गर्भावस्था मे सफेद पानी आना
• कान में संक्रमण
• गले का संक्रमण

Azithromycin टैबलेट के साइड इफेक्ट्स और नुकसान

Azithromycin टैबलेट का इस्तेमाल करने से आपको कई सारे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं लेकिन ये साइड इफेक्ट्स आपको हमेशा महसूस नहीं होंगे क्योंकि दवाएं प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग प्रभावित करती हैं । इसके निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स है:-

• उल्टी
• सिरदर्द
• कमजोरी
• पेट दर्द
• लूज मोशन होना
• मितली
• भूख में कमी आना
• त्वचा पर लाल दाने निकलना
• सिर घूमने लगना या चक्कर आना
• तेज बुखार आना
• सांस लेने में प्रॉब्लम होना
• सुनाई देने में समस्या होना
• स्टीवेंस-जॉन्सन सिंड्रोम

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान A24 का उपयोग ?

गर्भावस्था के दौरान अभी तक इसका कोई दुष्परिणाम नही मिला है, हालांकि इस दौरान इसके उपयोग से बचना चाहिए। स्तनपान कराने के दौरान दवा की सुरक्षा अस्पष्ट है। यह बताया गया है कि स्तनपान के दौरान इसका उपयोग सुरक्षित है और यह संभावना नहीं है कि स्तनपान कराने वाले शिशुओं को प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। फिर भी, यह सिफारिश की जाती है कि स्तनपान के दौरान दवा में सावधानी बरतें।

A24 की बाजार में उपलब्धता

एजीथ्रोमाइसिन आमतौर पर फिल्म-लेपित टैबलेट, कैप्सूल, मौखिक निलंबन, अंतःशिरा इंजेक्शन, सिथेट में निलंबन के लिए ग्रेन्युल, और नेत्र समाधान में प्रशासित होता है।

अलग अलग बीमारियो में A24 की खुराक?

• ब्रोंकाइटिस – व्यस्को के लिए ( 18 वर्ष या उससे ज्यादा)

वैसे तो डॉक्टर 500 mg तीन दिनों तक लेने की सलाह देते है पर कभी-कभी पहले दिन 500 mg और फिर 4 दिनों तक 250 mg लेने की सलाह देते है।

• सर्विसाइटिस

सर्विसाइटिस में डॉक्टर तीन दिनों तक 500 mg लेने की सलाह देते है।

बच्चों के लिए (6 माह से 17 वर्ष)

ऐसे पीड़ितों को 10mg/kg शरीर के वजन के हिसाब से तीन दिनों तक।

बच्चो के लिए (0 से 6 माह)

यह दवा 6 माह से छोटे बच्चो के इलाज में उपयोग नही किया जाता है।

• त्वचा का संक्रमण-व्यस्को के लिए ( 18 वर्ष या उससे ज्यादा )

ऐसे पीड़ितों को 500 mg पहले दिन तथा 250 mg अगले 4 दिनों तक लेने की सलाह दी जाती है।

• यूरेथ्राइटिस

अगर आपका इंफेक्शन गोनोरिया की वजह से नही है तो 1 gm खुराक लेना होगा और अगर गोनोरिया की वजह से है तो 2 gm खुराक।

• पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज – व्यस्को के लिए ( 18 वर्ष या उससे ज्यादा )

ऐसे में डॉक्टर 1 gm खुराक की सलाह देते है।

• कान में संक्रमण – बच्चों के लिए (6 माह से 17 वर्ष)

ऐसे पीड़ितों को 30 mg/kg शरीर के वजन के हिसाब से एक बार या फिर 10 mg पहले दिन और 5 mg अगले 2 दिनों तक।

• निमोनिया-व्यस्को के लिए ( 18 वर्ष या उससे ज्यादा )

ऐसे पीड़ितों को 500 mg पहले दिन तथा 250 mg अगले 2 दिनों तक लेने की सलाह दी जाती है। बच्चों के लिए (6 माह से 17 वर्ष) 10 mg पहले 2 दिन और 5 mg अगले तीन दिनो तक।

आवश्यक सूचना – यह दवा 6 माह से कम आयु के बच्चो को नही दी जाती है।

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