Pyorrhoea Treatment Homeopathy – पायोरिया का इलाज़

दाँत साफ न रखने, कीड़ा लग जाने, मीठा ज्यादा खाने, गरम-ठंडे पदार्थ एक साथ खाने, उदर-रोग, विटामिन 'सी' की कमी आदि कारणों से पायोरिया रोग हो जाता है । इसमें दाँतों की जड़ों से खून व…

Toothache Treatment Homeopathy – दाँत में दर्द

दाँत या दाँतों में दर्द मुख्यतः दाँतों में चोट लग जाने, ठंडे-गर्म पदार्थ एक साथ खाने, मीठे पदार्थ ज्यादा खाने, दाँतों में कीड़ा लगने, पायोरिया हो जाने, उदर-रोग होने आदि के कारण…

Goitre Treatment Homeopathy – घेंघा का इलाज़

यह रोग भोजन में आयोडीन की कमी के कारण होता है । इस रोग में गले की गाँठ (थायरॉइड ग्रंथि) धीरे-धीरे बढ़ने लगती है और बहुत बढ़ जाती है । यह गाँठ कठोर होती है। इस रोग में आवाज बैठ…

Snake Bites Treatment – साँप द्वारा काटना

यदि किसी व्यक्ति को सौंप काट ले तो साँप के काटते ही तुरन्त कटी हुई जगह से कुछ ऊपर रस्सी से खूब कसकर वन्ध बाँध देना चाहिये । इस काटे हुए स्थान पर किसी तेज चाकू या धारदार हथियार से +…

Obesity Treatment In Homeopathy – मोटापा

मोटापा जहाँ सौन्दर्य का दुश्मन है वहीं यह अनेक मुसीबतों का कारण भी है । मोटे व्यक्ति सामान्य कार्य करने, चलने-फिरने, दौड़ने आदि में कष्ट का अनुभव करते हैं । यहाँ पर मोटापे का उपचार…

Dengue Fever Treatment Homeopathy

यह ज्वर दिन में काटने वाले मच्छर से होता है। इसे हड्डीतोड़ बुखार भी कहते हैं । इसमें शरीर की हड्डियों, सिर, कमर आदि में दर्द के साथ बुखार चढ़ता है । यूपेटोरियम पर्फ 200, 1M - पहले…

Rapid Ejaculation In Homeopathy

जैसे ही कोई व्यक्ति स्त्री - संसर्ग आरंभ करने का प्रयास करता है वैसे ही उसका वीर्यपात हो जाता है जिससे वह सुख प्राप्त नहीं कर पाता- यही स्थिति शीघ्रपतन कहलाती है । स्वप्नदोष तथा…

Impotence Treatment In Homeopathy

इस रोग में व्यक्ति को भोगेच्छा होती ही नहीं है और यदि भोगेच्छ होती भी है तो उसमें इतनी शक्ति नहीं रहती कि वह स्त्री के साथ भोग् कर सके । पूर्व में अत्यधिक भोग करना, पौष्टिक…

Scrofula Treatment In Homeopathy

शरीर के खून में दोष आ जाने, सीलनयुक्त स्थान पर रहने, पौष्टिक भोजन न मिल पाने, शुद्ध हवा न मिल पाने के कारण यह रोग होता है। इसमें गला, गर्दन, कॉख या जाँघ के पुट्ठे में बड़ी-बड़ी…

Tonsillitis Treatment In Homeopathy

तालूमूल-ग्रन्थि के प्रदाह को टॉन्सिल या टॉन्सिल होना कहते हैं । यह रोग मूल रूप से सर्दी लगने, वर्षा-पानी में भीगने, ठण्डे पदार्थ ज्यादा खाने आदि के कारण होता हैं । (A) गले के…
Open chat
पुराने रोग के इलाज के लिए संपर्क करें