आंखों के विभिन्न रोगों का इलाज [ Aankh Ke Liye Medicine ]

1,073

इस पोस्ट में आँख के विभिन्न समस्याओं का अंग्रेजी दवा बताया गया है।

डाइक्रिस्टीसीन एस (साराभाई कंपनी) – यह आधा ग्राम तथा एक ग्राम (फोर्ट) , इन्जेक्शन के रूप में प्राप्य है । डिस्टिल वाटर में घोलकर नित्य या एक दिन बीच में छोड़कर प्रयोग करें। विभिन्न नेत्ररोगों में शोथ, पूय आदि की अवस्था में संक्रमण रोकने के लिए उपयोगी है । बच्चों के लिए इसी नाम से पेडियाट्रिक इन्जेक्शन आता है।

टेरामायसिन (फाईजर कंपनी) – बच्चो को 10 से 20 मि.ग्रा. प्रतिकिलो शरीर भार तथा वयस्कों को 250 से 500 मि.ग्रा. 12 घण्टे पर मांसपेशी में इन्जेक्शन लगायें । लाभ डाइक्रिस्टीसीन इन्जेक्शन की ही भाँति है ।

एम्पीसिलीन (लायकालैब्स तथा अन्य विभिन्न कम्पनियाँ) – इस योग के 250 तथा 500 मि.ग्रा. तक के इन्जेक्शन बाजार में उपलब्ध हैं । वयस्कों को 250 से 500 मि.ग्रा. तक रोगानुसार प्रयोग करायें । लाभ उपर्युक्त की भाँति ।

नोवाल्जिन इन्जेक्शन (हैक्स्ट कम्पनी) – 3 से 5 मि.ली. तक व्यस्कों को मांस में। विभिन्न नेत्र रोगों में पीड़ा के लिए उपयोगी है । ग्लोकोमा रोग में प्रयोग न करें ।

रोशलिन कैपसूल (रैनबक्सी कम्पनी ) – 500 मि.ग्रा. का एक कैपसूल दिन में 1-2 बार। विभिन्न नेत्र रोगों-शोथ, पूय आदि की अवस्था में उपयोगी है। इसके 250 मि.ग्रा. के भी कैपसूल उपलब्ध हैं ।

रेस्टेक्लीन कैपसूल (साराभाई) – 250 मि.ग्रा. का एक कैपसूल 4-6 घण्टे पर विभिन्न नेत्र रोगों-शोथ, पूय आदि की अवस्था में उपयोगी है ।

ओरियोमाइसिन (लेडरले) – मात्रा व लाभ उपर्युक्त ।

सल्फाडायजिन (एम. एण्ड बी.) – 1-2 टैबलेट दिन में 3-4 बार। लाभ उपर्युक्त।

आक्सालजिन (खण्डेलवाल कपंनी) – 1-2 टैबलेट दिन में 3-4 बार। पीड़ा तथा शोथ नाशक !

प्रिस्कोल (सीबा कंपनी) – 1-2 टैबलेट 3-4 बार ताजे जल से। कनीनिका प्रदाह तथा कनीनिका व्रण में उपयोगी है ।

रोनिकोल (रोश कंपनी) – आधी से एक टैबलेट में दिन में 2-3 बार । रात्रि-अन्धता में उपयोगी है ।

ऐरोबिट (रोश कंपनी) – इसका प्रयोग तथा लाभ उपर्युक्त टैबलेट के समान ही है।

डायामोक्स टैबलेट (लेडरले कंपनी) – आधी से एक टैबलेट (आवश्यकतानुसार) यह औषधि ग्लोकोमा में नेत्र-दाब को कम करती है ।

ऐडक्सोलीन (ग्लैक्सो कंपनी) – एक कैपसूल दिन में 3-4 बार (आवश्यकतानुसार) नेत्र ज्योति वर्धक है ।

डेवटोल फोर्ट कैपसूल (डेज कंपनी) – सेवन विधि तथा लाभ उपर्युक्त औषधि के समान।

ब्राह्य प्रयोग वाली औषधियाँ

पेनिसिलिन आई ऑइंटमेंट (फाईजर कंपनी) – इफ्कोर्लिन आई ऑइंटमेंट (ग्लैक्सो, टेरामायसिन आई ऑइंटमेंट (ग्लैक्सो) क्लोरोमायसिन आई ऑइंटमेंट (पी.डी.), बेटनेसोल आई ऑइंटमेंट (ग्लैक्सो), नीबासल्फ आई ऑइंटमेंट (फाईजर), सुवाकोर्ट आई ऑइंटमेंट । इनमें से कोई सा एक मरहम सलाई से आँख में लगायें । सभी मरहम नेत्र के विभिन्न संक्रमणों में प्रयोज्य हैं ।

एल्ब्युसिड आई ड्राप्स (इण्डियन शैरिंग) – आइमाइड आई ड्राप्स (एमाइड कम्पनी) जेण्टीसिन आई ड्राप्स (इण्डियन शैरिंग), डेकाड्रोन आई ड्राप्स (एम. एस. डी.) इन सभी ड्राप्स के लाभ उपर्युक्त मरहमों की भाँति ही हैं । कोई सा एक आई ड्राप्स आँख में बूंद-बूंद करके 1-2 बूंद दिन में 2-3 बार डालें ।

पिलोकार आई ड्राप्स (फेयरफील) – प्रयोग उपर्युक्त । अधिमन्थ में उपयोगी है।

Ask A Doctor

किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

Loading...

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Open chat
1
💬 Need help?
Hello 👋
Can we help you?