पॉलीसिस्टिक किडनी रोग का होम्योपैथिक इलाज || Polycystic Kidney Homeopathic Treatment In Hindi

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पॉलीसिस्टिक किडनी रोग का होम्योपैथिक इलाज

इस लेख में हम Polycystic kidney को कैसे होम्योपैथिक दवा से ठीक किया गया, उसी की चर्चा कर रहे हैं।

एक 35 वर्षीय पुरुष की दोनों कमर में दर्द हो रहा है। उनका दर्द पहली बार 3 साल पहले दाहिनी ओर दिखाई दिया था जिसका कुछ एलोपैथिक दवाओं से इलाज किया गया और दर्द कम हो गया।

तब से उस हिस्से में जलन हो रही थी। 2 हफ्ते पहले उन्हें बायीं कमर में भी दर्द हुआ। पिछला इतिहास पूछने पर उन्होंने बताया कि 10 साल पहले उन्हें पीलिया हुआ था।

पारिवारिक इतिहास में पिता और दादाजी को पॉलीसिस्टिक किडनी रोग की समस्या थी। शारीरिक लक्षण पूछने पर उन्होंने बताया कि :-

भूख: अच्छा, भूख लगने पर भोजन का इंतजार नहीं कर सकता हूँ। लंबे समय तक कुछ न खाने से पेट फूल जाता है, जीभ पर सफ़ेद लेप हैं ;

इच्छा: नमकीन भोजन, अंडे, गर्म भोजन, प्यास : अत्यधिक, एक समय में बड़ी मात्रा में

नींद : जरा-सी आहट से जाग जाता है ;

मूत्र – फ्लो कमजोर है और बूंद-बूंद आता है; मानसिक लक्षण : चिड़चिड़ापन, सांत्वना से गुस्सा बढ़ता है। यात्रा करने की इच्छा और कंजूस प्रकृति के हैं।

यूएसजी रिपोर्ट और पारिवारिक इतिहास में पॉलीसिस्टिक किडनी रोग मिला है। लक्षणों पर जब विचार किया गया तो पाया कि दाईं तरह शिकायत शुरू हुई बाद में बाएं तरफ भी समस्या होने लगी ; पेट फूलने के लक्षण ; इतिहास में पीलिया हो चूका था ; वर्तमान समय में लीवर और किडनी की समस्या है ; बहुत गर्म भोजन की इच्छा; कंजूस

यहाँ पूरे मामले को Lycopodium अच्छे से कवर करता है। ऐसे के मैंने Lycopodium 10M शक्ति की 1 खुराक रोगी को दिया।

10 दिन में उन्हें कमर की जलन से राहत मिली। अब पेशाब का फ्लो बढ़ गया । पेट फूलने की समस्या में भी कमी आ गई। मैंने दवा का एक और खुराक 1 महीने बाद ले कर दवा को बंद करने के लिए कह दिया और 3 महीने बाद यूएसजी कराने की सलाह दी।

3 महीने में बाईं किडनी के आकार में कमी देखी गई और रोगी की शिकायतें जैसे कमर में दर्द और जलन, कम पेशाब आना, पेट फूलना कम हो गया। रोगी स्वस्थ महसूस करने लगे, उसे अच्छी भूख लगती है

सिस्ट बनने की प्रवृति केवल होम्योपैथिक दवा से ही सीमित होती है। यह मामला इस बात को भी साबित करता है कि पॉलीसिस्टिक किडनी रोग जैसी दुर्लभ बीमारियों में Constitutional दवा से अच्छे परिणाम मिलते हैं।

Polycystic Kidney Problem Video

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग एक वंशानुगत रोग है जिसमें मुख्य रूप से आपके किडनी में सिस्ट के समूह विकसित होते हैं। यह सिस्ट गैर-कैंसरयुक्त होती हैं जिनमें पानी जैसा तरल पदार्थ होता है। यह रोग विभिन्न प्रकार की गंभीर जटिलताओं का कारण बनता है।

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के कारण उच्च रक्तचाप हो सकता है। पॉलीसिस्टिक किडनी रोग वाले लोगों के लिए किडनी फेलिअर एक और आम समस्या है।

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग की गंभीरता बहुत अलग-अलग होती है, और कुछ गंभीर समस्या को रोका जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव और चिकित्सा उपचार उच्च रक्तचाप जैसी जटिलताओं से आपके गुर्दे को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं।

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग दो प्रकार के होते हैं :-

ADPKD – इसके अक्सर 30 से 40 वर्ष की आयु के बीच विकसित होते हैं। बच्चों में यह रोग विकसित हो सकता है।

बच्चों में यह बीमारी फैलने के लिए केवल माता-पिता में से किसी एक को यह रोग होना आवश्यक है। यदि माता-पिता में से किसी एक को ADPKD है, तो प्रत्येक बच्चे में यह रोग होने की 50 प्रतिशत संभावना होती है। पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लगभग 90 प्रतिशत मामलों में यह रूप जिम्मेदार होता है।

ARPKD – ADPKD की तुलना में बहुत कम आम है। इसके लक्षण अक्सर जन्म के तुरंत बाद दिखाई देते हैं। कभी-कभी इसके लक्षण किशोरावस्था तक प्रकट नहीं होते हैं।

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • उच्च रक्तचाप
  • पीठ या बाजू में दर्द
  • सिरदर्द
  • पेट के आकार में वृद्धि
  • पेशाब में खून आना
  • जल्दी- जल्दी पेशाब आना
  • गुर्दे की पथरी
  • किडनी में खराबी
  • मूत्र पथ या गुर्दे में संक्रमण

Polycystic kidney का होम्योपैथिक इलाज

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग और उससे जुड़ी शिकायतों के लिए होम्योपैथिक उपचार प्रभावी हैं। कुछ महत्वपूर्ण दवा नीचे दिए गए हैं-

Apis Mel 30 – चेहरे, पैरों की सूजन के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए शीर्ष दवा में से एक है। पेशाब कम और गहरे रंग का होता है। उसके पूरे शरीर पर चोट का अहसास होता है। पेशाब करते समय जलन और दर्द होता है। पेशाब से आता है। त्वचा पीली हो जाती है। Apis व्यक्ति को घुटन का एहसास होता है।

Arsenic Album 30 – यह पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए एक और प्रभावी दवा है। पेशाब कम, गहरा और एल्ब्यूमिन से भरा हुआ होता है। बेचैनी रहती है, मृत्यु और बीमारी का भी भय रहता है। व्यक्ति थोड़ी-थोड़ी मात्रा में और थोड़े-थोड़े अंतराल पर गर्म पानी पीता है। चेहरा सूज जाता है।

Aralia hispida 30 – यह रक्त में क्रिएटिनिन के उच्च स्तर के लिए प्रभावी दवा है। जलोदर रोग में भी उपयोगी दवा है। मूत्र पथ में संक्रमण रहता है। पेशाब कम आता है, कब्ज के साथ गुर्दे के रोग में उपयोगी है।

Apocynum 30 – रक्त में क्रिएटिनिन के उच्च स्तर के लिए एक और प्रभावी दवा है। पानी खूब पीना फिर भी न पसीना आता है न ही पेशाब।

Cantharis 30 – नेफ्रैटिस के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए कैंथरिस सर्वोत्तम दवा है। पेशाब करने की लगातार इच्छा होना, और असहनीय ऐंठन होना, पेशाब करने से पहले, पेशाब के दौरान और बाद में जलन होना। मूत्र रक्त के साथ मिश्रित होता है और बूंद-बूंद करके निकलता है।

Convallaria 30 – हृदय संबंधी लक्षणों के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग में Convallaria 30 उत्तम दवा है। हृदय की अत्यंत तीव्र और अनियमित क्रिया होती है। ऐसा अहसास होता है मानो दिल ने धड़कना बंद कर दिया हो, फिर बहुत तेजी से धड़कना शुरू हो गया हो। कम से कम परिश्रम से धड़कन बढ़ जाता है।

Cuprum arsenicosum 3x – यह रक्त में क्रिएटिनिन के उच्च स्तर के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए भी एक बहुत प्रभावी दवा है। गुर्दे की अक्षमता और यूरीमिया में लाभदायक है। पेशाब से लहसुन जैसी गंध आती है।

Belladonna 30 – एल्बुमिनुरिया के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए बेलाडोना एक और सबसे अच्छा दवा है। पीठ के क्षेत्र में चुभने वाले, जलन वाले दर्द के साथ गुर्दे की सूजन होती है, जो समय-समय पर बढ़ती गंभीरता के साथ लौटती है। मूत्र कम, फॉस्फेट से भरा हुआ, गहरा और गंदला होता है।

Helleborus 30 – यह रक्त में उच्च क्रिएटिनिन के साथ यूरीमिया और पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए सर्वोत्तम है। रोगी प्रकाश के प्रति असंवेदनशील होता है। शरीर से पेशाब की तेज़ गंध आती है।

Phosphorus 30 – नेफ्रैटिस के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए सबसे अच्छा दवा है। मूत्र गंदला, लाल-भूरा होता है। पूरे शरीर में शिथिलता, हाथ-पैरों में बर्फीली ठंडक, तंद्रा होती है। सुबह के समय कमजोरी अधिक होती है और विशेषकर शाम के समय बिना प्यास के शरीर में गर्मी होती है। ऊपरी पलकों और चेहरे पर सूजन आ जाती है। उल्टी और गैस्ट्रिक लक्षण आमतौर पर मौजूद होते हैं।

Terebinthina 6 – यह पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए उत्कृष्ट दवा है। गुर्दे के क्षेत्र में जलन पैदा करने वाला दर्द होता है। पेशाब गहरा होता है। कमर दर्द भी रहता है।

Serum anguillae 6X– यह किडनी की विफलता के साथ पॉलीसिस्टिक किडनी रोग के लिए सबसे अच्छे दवाओं में से एक है। रक्त में क्रिएटिनिन का स्तर अधिक होता है। यह तीव्र नेफ्रैटिस में बहुत प्रभावी दवा है। मूत्र में एल्बुमिन होता है।

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