शीतपित्त या अर्टिकेरिया का होम्योपैथिक इलाज और दवा | Urticaria Ka Homeopathic Treatment In Hindi

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कैसे अर्टिकेरिया ( Urticaria ) की समस्या होम्योपैथिक दवा से ठीक हुई – Case 1

एक 30 वर्ष के पुरुष, जिन्हे अर्टिकेरिया की समस्या थी। उन्होंने कहा कि यह समस्या पिछले 3-4 महीने से है। यह जांघों से शुरू हुआ और धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्से में भी होने लगा। उन्होंने बताया कि उनको हर तीसरे दिन चकत्ते हो जाते हैं।

उन्होंने खुजली और जलन की शिकायत भी की। उन्होंने कहा, ‘मैं एविल टैबलेट लेता हूं और मैं 5 मिनट के भीतर बेहतर महसूस करता हूं। यदि टैबलेट नहीं लूँ तो खुजली कम होने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है।

उन्होंने कहा कि उनको मसालेदार और तला हुआ खाना पसंद है लेकिन मिठाई बिल्कुल पसंद नहीं है। उसे ठंडा पानी पसंद है, लेकिन उससे लक्षण बढ़ जाता है। उनके चेहरे पर, खासकर माथे और पैरों के तलवों पर पसीना आता है।

उन्होंने एक बहुत ही अजीबोगरीब सपने का जिक्र किया कि वे कार चला रहे हैं और अचानक ब्रेक फेल हो जाता है। कार बाएं और दाएं मुड़ती है, उन्हें घबराहट महसूस होता है और नींद खुल जाती है। घबराहत के अनुभव में वे कहते हैं, ‘मैं जागने की कोशिश करता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाता। उनकी छाती पर दबाव जैसा कुछ भार अनुभव होता है। मैं मदद के लिए बुलाने की कोशिश करता हूं, लेकिन मेरी आवाज ही नहीं निकल पाती है।

दूसरे सपने में उन्होंने जिक्र किया कि ‘कोई जानवर मेरा पीछा करता है, मैं डर से जंगल में भाग रहा हूं, मदद के लिए चिल्ला रहा हूं, मैं कुएं में गिर गया हूं और घबराहट से नींद खुल जाती है।

अन्य सपनों में सांप शामिल हैं जो उसे काटने की कोशिश कर रहे हैं और उसे लगता है कि वह मर जाएगा। उन्हें ऊँचे-ऊँचे स्थानों से गिरने का डर भी है।

जब उनसे उनके स्वभाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह बहुत शांत व्यक्ति हैं और ज्यादा बात नहीं करते हैं। लोगों से आसानी से घुल-मिल नहीं पाते। उन्हें दोस्त बनाने में समय लगता है। अगर कोई बिना गलती के मुझे दोष देता है तो मुझे बहुत गुस्सा आता है।

उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगह, शोर-शराबा, बाहर जाना, फिल्में पसंद नहीं हैं। वे घर पर रहना पसंद करते हैं। वे लोगों पर बहुत आसानी से भरोसा नहीं करते हैं।

उनके सभी लक्षण लेने के बाद, अब हम सबसे महत्वपूर्ण भाग पर आते हैं, अर्थात, हम उन सभी लक्षणों का विश्लेषण करके एक दवा के माध्यम से सभी बिंदुओं को जोड़ने का प्रयास करेंगे।

हम पहला महत्वपूर्ण लक्षण ले सकते हैं जिसके बारे में हमें यकीन है। इस लक्षण को लंगर कहते हैं, जो हमें जमीन पर उतार देगा और कई लक्षणों की धुंध में तैरने से रोकेगा।

अब, हम रोगी के जीवन से जुड़े हर एक मामले का और अच्छे से विश्लेषण करेंगे। जब कोई रोगी कई लक्षणों के साथ आता है, तो हमें चक्रव्यूह में भटकना नहीं है।

सबसे पहले लक्षण में देखेंगे कि उन्हें सपने आते हैं, रोगी चिल्लाने की कोशिश करता है परन्तु आवाज नहीं निकलती, यह लक्षण Silicea और Arsenic में है।

दुसरे लक्षण में है कि सपने में कोई जानवर पीछा करता है, यह लक्षण Silicea, Sulphur और Alum में है।

अगले लक्षण में सांप के सपने आते हैं – यह Silicea, thuja, lachesis, lac caninum, Tuberculinum में है।

उनके लक्षणों में अनजान लोगों से डर शामिल था – यह Silicea, thuja, lycopodium, calcarea, Pulsatilla, Arsenic, Tuberculinum, lachesis और baryta carb में है।

रोगी शर्मीला, नर्वस और संकोची है, यह लक्षण काफी दवाओं में है, परन्तु इसकी टॉप ग्रेडेड दवा है – Silicea, Sulphur, Lycopodium, calcarea, merc, Pulsatilla, Staphysagria, petroleum और baryta carb

भीड़ वाले जगह जाने से कतराना और नर्वस होना, इस लक्षण की मुख्य दवा, Silicea, lycopodium और Plumbum है

आगे के लक्षण में तलवों से पसीना आना है – इसका लक्षण काफी दवाओं में है, परन्तु इसकी टॉप ग्रेडेड दवा है, Silicea और nitric acid है

रोगी को फ्राइड फ़ूड खाने की इच्छा होती है – यह लक्षण Silicea, Nat Mur, Plumbum met में है।

रोगी को ठण्डा पानी पीने की इच्छा होती है – यहाँ लक्षण काफी सारी दवाओं में है, इसकी टॉप ग्रेडेड दवा है merc, Phosphorus, silicea, Thuja, Sulphur, Lyco आदि।

अर्टिकेरिया, eruptions जोकि समय के साथ आते-जाते हैं और लक्षण शाम में बढ़ जाते हैं – इसके कई मुख्य दवाएं है, Silicea, Sulphur, Lycopodium, Pulsatilla, Nitric Acid, Staphysagria, Petroleum, Merc

लक्षणों का अध्ययन करने के बाद, हम देखते हैं कि Silicea रोगी के सभी क्षेत्रों जैसे मानसिक स्थिति, उसके सपने, उसके शारीरिक लक्षण को कवर करती है।

मैंने रोगी को महीने में एक बार Silicea 1M लेने की सलाह दी।

3 महीने के बाद रोगी कहता है, ‘अर्टिकेरिया चला गया है। नींद अच्छी आती है। कोई सपने नहीं हैं। भूख और प्यास अच्छी होती है। मानसिक स्थिति भी सामान्य और शांत रहती है। तनाव या चिंता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कुछ नहीं है। कुल मिलाकर वह पूरी तरह से ठीक महसूस करते हैं।

ऐसे ही रेपर्टरी के आधार पर दवा का चुनाव करके हम रोग को जड़ से ठीक कर सकते हैं।

Urticaria Video 1

कैसे अर्टिकेरिया ( Urticaria ) की समस्या होम्योपैथिक दवा से ठीक हुई – Case 2

यहाँ एक ऐसे व्यक्ति का केस बता रहा हूँ, जिन्हे पित्ती अर्थात urticaria की शिकायत थी।

मैंने कहा कि आप अपनी समस्या के बारे में बताएं ?
उन्होंने कहा मुझे पिछले तीन साल से इस तरह के दाने निकल रहे हैं। यह कभी-कभी आता है और अपने आप चला जाता है।
शुरुआत में मैं इसे लेकर बहुत तनाव में था और इसके लिए कई डॉक्टरों के पास गया और एक डॉक्टर ने मुझे यह देखने का सुझाव दिया कि क्या कुछ खाद्य पदार्थ है जो इस तरह के दाने का कारण बन रहा है। तो फिर मैंने देखा कि जब भी मैं दही खाता हूं तो ऐसा होता है, इसलिए मैं दूध से बने सभी उत्पादों को बंद कर दिया। यहाँ रोगी को दही खाने से समस्या है, और एक व्यक्तित्व लक्षण मैंने देखा कि वह बहुत तुनक मिजाज भी हैं।

मैंने उनसे पुछा कि चकत्ते निकलने के बाद क्या होता है ?

उन्होंने कहा कि जब भी ऐसा होता है मैंने उन्हें खरोंचने से खुद को रोक नहीं पाता। मैं न केवल खाद्य पदार्थों के बारे में, बल्कि हर चीज के बारे में समझने कोशिश की है और मैंने पाया कि यह हर बार शाम 6 ऐसा होता है और रात 10 बजे के बाद ठीक हो जाता है। जैसे ही मैं अपने कपड़े हटाता हूं तो यह शुरू हो जाता है। जब ऐसा होता है तो मुझे पानी से वहां लगाना पड़ता है। अगर मैं अपना चेहरा या पैर-हाथ धोता हूं तो यह और बढ़ जाता है और मुझे खुजली करनी पड़ती है।

ठंडे पानी से नहाने पर मुझे तुरंत रैशेज हो जाते हैं। यहाँ तक कि गर्मी के दिनों में भी मुझे नहाने के लिए गर्म पानी की आवश्यकता होती है। ठंडी चीजों या खुली हवा के संपर्क में आता है तो मुझे रैशेज हो जाते हैं। मैंने लक्षण लिखे जिसमे शाम को तकलीफ बढ़ना, खुली हवा और ठंड से लक्षण बढ़ जाते हैं।

आगे पूछने पर उन्होंने बताया कि रैसेज आने पर मैं किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता, खुजली न करूँ इसके लिए हर तरह की चीजें करता हूं। मैं कभी भी अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ नहीं खाता। मैं कभी भी बाहर का खाना नहीं खाता और हमेशा अपने डाइट प्लान के मुताबिक ही खाता हूं। मैं न केवल अपने लिए बल्कि अपने पूरे परिवार के लिए भोजन और व्यायाम को लेकर बहुत गंभीर हूं। मैं इस बात पर जोर देता हूं कि सभी स्वच्छ तरीके से जीवन जिएं और स्वास्थ्य को बनाए रखने वाली सभी गतिविधियों को करने का प्रयास करें। मुझे स्वास्थ्य संबंधी सभी कार्यक्रम देखना पसंद है

मुझे हर चीज़ परफेक्ट चाहिए। हर चीज अपनी जगह पर होनी चाहिए। मुझमें थोड़ी सी भी समस्या होती है तो मैं आमतौर पर डॉक्टर के पास जाता हूं। हमने मामले से जुड़ी सभी बातों पर चर्चा की।

मैं यहाँ मुख्य 3 रूब्रिक्स का चुनाव करता हूं –

  • मन – चिंता – स्वास्थ्य, के बारे में
  • मन – आराम – नहीं कर सकता, जब चीजें उचित स्थान पर न हों
  • मन – तुनकमिजाज

जो दवा सामने आई है वह आर्सेनिकम एल्बम है, बात के दौरान हमें यह समझ आया कि रोगी विशेष रूप से स्वास्थ्य और परिवार के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। दूसरी बात जिसकी उन्हें चिंता है वह यह है कि यदि उन्होंने अपना स्वास्थ्य खो दिया तो उनके परिवार को भी समस्याएँ होंगी। मैंने उन्हें Arsenic Album 200 शक्ति कि रोजाना एक बार 3 दिन ले कर फिर हफ्ते में एक बार लेने की सलाह दी।

दूसरी बात जिसकी उन्हें चिंता है वह यह है कि यदि उन्होंने अपना स्वास्थ्य खो दिया तो उनके परिवार को भी समस्याएँ होंगी। मैंने उन्हें Arsenic Album 200 शक्ति कि रोजाना एक बार 3 दिन ले कर फिर हफ्ते में एक बार लेने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पहले वह छोटी-छोटी चीज़ों के प्रति बहुत सचेत रहते थे, लेकिन अब वह सीख गए है कि चीज़ों को जाने कैसे देना है। तो यह इंगित करता है कि न केवल पित्ती खत्म हो गई है बल्कि उसकी स्थिति भी बदल गई है जिसे हम जड़ से इलाज करना कहते हैं।

शीतपित्त या जुलपित्ती या Urticaria त्वचा पर उभरने वाला एक प्रकार के चकत्ते होते हैं। इस रोग के कारण त्वचा पर लाल रंग के दाने उभर आते हैं, जिनमे लगातार खुजली होती रहती है। ये अक्सर किसी चीज से एलर्जी के कारण होते है परन्तु कई मामलो में बिना एलर्जी के भी Urticaria हो जाती है। इसके कारण शरीर में हमेशा जलने और चुभने की अनुभूति होते रहती है।

Urticaria आम तौर पर पाचन तंत्र की गड़बड़ी और खून में गर्मी बढ़ जाने के कारण होता है। बहुत लोगों को किसी खाद्य पदार्थ के खाने से यह समस्या हो जाती है। किसी को धुप में जाने से किसी को नमी वाले वातावरण से या नहाने मात्र से ऐसी समस्या हो जाती है। कारण, लक्षण करीब-करीब हम सभी जानते हैं तो viewer का ज्यादा समय न लेते हुए हम अब होम्योपैथिक दवा की चर्चा करेंगे।

Urticaria Video 2

अर्टिकेरिया ( Urticaria ) का होम्योपैथिक इलाज 

( Urticaria Homeopathic Medicine In Hindi)

Histamine 30 – एक चालीस वर्षीय राज मिस्त्री बरसाती मौसम में Urticaria की समस्या होने की शिकायत ले कर मेरे पास आया। ऐसे में वह एविल दवा खा कर मेरे पास आया। वह एविल ऐसे समय लिया करता था। बरसाती मौसम के कारण मैंने उसे Rhus tox 30 दिन में 3 बार खाने को दिया परन्तु लाभ नहीं हुआ। Urticaria से वह काफी परेशान था। फिर मैंने उसे ऐसे लक्षण में Histamine 30 दिन में 3 बार खाने को दिया और उससे वह पूर्णतः स्वश्थ हो गया। Histamine दवा Urticaria, क्रोजिया, अस्थमा में बहुत उपयोगी है। अगर सूरज की गर्मी से, धूप से ऐसी समस्या होती है तब भी Histamine 30 का प्रयोग आपको करना है।

Antipyrinum 2x – किसी भी प्रकार के Urticaria के लिए Antipyrinum दवा का प्रयोग किया जाता है। इस रोग में Hydrastis Q और Urtica Urens Q पर्यायक्रम से आपको प्रयोग करना है। यह दोनों दवा Urticaria की समस्या में दिया जाता है। अगर यह दोनों दवा फेल हो जाए, काम न करे एलर्जी बनी रहे तो आपको Antipyrinum 2x में प्रयोग करना है। याद रखियेगा Hydrastis Q और Urtica Urens Q पुराने रोग में दिया जाता है। मेरे अनुभव में ऐसे समस्या में मैंने Hydrastis Q और Urtica Urens Q और skookumchuck 3x का चक्र चलाया है और मुझे आशातीत लाभ मिला है।

Cina 30 – कृमि रोग से उत्पन्न हुए Urticaria में यह खूब अच्छा काम करता है। ऐसे रोगी को मैं सर्वप्रथम Cina 30 और Ferrum Met 200 पर्यायक्रम से देता हु। बाद में लक्षानुसार दूसरी दवा का चुनाव करता हूँ और मुझे हमेशा सफलता मिलता है।

Dulcamara 30 – एक डॉ चौहान से मेरी बात हुई उन्होंने बताया कि वो हर प्रकार की Urticaria में Dulcamara 30 और खुजली की तीव्रता में Rhus tox 30 देते हैं और उन्हें सफलता जरूर मिलता है। एक डॉ पी कुमार Urticaria में सर्वप्रथम Dulcamara 10M एक खुराक और इसके बाद bovista 30, Antipyrinum 2x देते हैं। कुछ महीने में क्रोनिक Urticaria ठीक हो जाता है।

Bovista 30 – एक महिला को प्रातः स्नान के बाद Urticaria हो जाती थी। स्नान के बाद सारे शरीर दानो से भर जाता था। वह बोविस्टा से पूरी तरह ठीक हो गई।

Hepar sulph 1M – ठंडी हवा लगने से और स्नान के बाद सारे शरीर में लाल-लाल दाने निकलना और बहुत खुजली में Hepar sulph 1M भी बहुत लाभ देता है।

सहजन की सब्जी – एलर्जी, चेचक, Urticaria के रोगी को सहजन की सब्जी जरूर खानी चाहिए।

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किसी भी रोग को ठीक करने के लिए आप हमारे सुयोग्य होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर का consultancy fee 200 रूपए है। Fee के भुगतान करने के बाद आपसे रोग और उसके लक्षण के बारे में पुछा जायेगा और उसके आधार पर आपको दवा का नाम और दवा लेने की विधि बताई जाएगी। पेमेंट आप Paytm या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं। इसके लिए आप इस व्हाट्सएप्प नंबर पे सम्पर्क करें - +919006242658 सम्पूर्ण जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करें।

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